ममता बनर्जी दलबदलू शुभेंदु अधिकारी को घर में घुसकर देंगी चुनौती, नंदीग्राम से लड़ेंगी चुनाव

टीएमसी छोड़ बीजेपी का पल्ला पकड़ने वाले शुभेंदु अधिकारी नंदीग्राम से ही विधायक रहे हैं, ममता ने वहाँ से चुनाव लड़ने का एलान करके जता दिया है कि विरोधियों के भारी प्रचार से उनका आत्मविश्वास डिगा नहीं है

Updated: Jan 18, 2021, 03:08 PM IST

ममता बनर्जी दलबदलू शुभेंदु अधिकारी को घर में घुसकर देंगी चुनौती, नंदीग्राम से लड़ेंगी चुनाव
Photo Courtesy : Indian Express

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र एक बड़ा एलान किया है। नंदीग्राम में आयोजित एक रैली के दौरान ममता ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में वे नंदीग्राम से चुनाव लड़ेंगी। नंदीग्राम हाल ही में टीएमसी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए शुभेंदु अधिकारी का गढ़ माना जाता है।  अपने पुराने सहयोगी से विरोधी बने शुभेंदु के घर में घुसकर ललकारने वाले ममता बनर्जी के इस अंदाज़ ने पश्चिम बंगाल की सियासत में एक नई हलचल पैदा कर दी है।

ममता बनर्जी ने बीजेपी से सीधे टक्कर मोल लेने के इरादे से यह घोषणा की है। ममता ने सोमवार को नंदीग्राम की अपनी रैली में बड़े नाटकीय अंदाज में अपनी उम्मीदवारी की घोषणा की। दरअसल ममता नंदीग्राम से चुनाव लड़ेंगी इसका फैसला उनके भाषण के दौरान ही हुआ। ममता ने अपने भाषण के बीच में ही यह ऐलान किया कि वे नंदीग्राम से चुनावी पर्चा भरेंगी।

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एक हिंदी न्यूज़ चैनल के मुताबिक ममता बनर्जी ने अपने भाषण के दौरान यह इच्छा ज़ाहिर की कि वे नंदीग्राम से चुनाव लड़ना चाहती हैं। इसके बाद ममता ने राज्य इकाई अध्यक्ष से अपील की और तत्काल ही ममता की उम्मीदवारी पर फैसला हो गया। ममता ने नंदीग्राम में हुंकार भरते हुए कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस 200 से ज़्यादा सीटों पर विजय प्राप्त करेगी। पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल होने वाले नेताओं पर ममता बनर्जी ने कहा कि बीजेपी अपने हथकंडों के जरिए नेताओं को लालच देकर और डरा धमकाकर पार्टी में शामिल करवा रही है। लेकिन चुनाव में बीजेपी के यह सारे हथकंडे फेल हो जाएंगे। 

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शुभेंदु अधिकारी टीएमसी छोड़ने से पहले नंदीग्राम से ही विधायक था। इससे पहले ममता बनर्जी खुद भवानीपुर से चुनाव लड़ती आई हैं। लेकिन इस मर्तबा उन्होंने अपने पुराने सहयोगी के खिलाफ चुनावी मैदान में उतरने का एलान किया है। ममता बनर्जी ने यह घोषणा करके शुभेंदु अधिकारी के दलबदल को प्रदेश की राजनीति में बहुत बड़े भूचाल के तौर पर पेश करने की बीजेपी की कोशशों पर पानी फेरने का प्रयास भी किया है। इसका एक असर यह भी होगा कि ममता बनर्जी जैसी प्रतिद्वंद्वी के रहते शुभेंदु अधिकारी को अपने चुनाव क्षेत्र में ही पूरा ध्यान लगाना पड़ेगा, जिसके चलते वे टीएमसी को नुकसान पहुंचाने के लिए प्रदेश के बाकी इलाकों में बहुत ज़्यादा वक्त नहीं दे पाएंगे। और अगर शुभेंदु ने इस चुनौती से बचने के लिए अपना चुनाव क्षेत्र बदला तो उन पर डरकर मैदान छोड़ने का आरोप लग जाएगा, जिससे उनकी मज़बूत जनाधार वाले नेता की छवि को भारी धक्का लगेगा।