Corona Update: ठीक होने के बाद भी खतरनाक है कोरोना, 45 फीसदी मरीजों को दूसरी बीमारियों ने घेरा

Post Covid 19 Care: कोरोना से उबर चुके मरीजों में हार्ट, शुगर, स्ट्रोक, हाइपरटेंशन, ज्वाइंट पेन, सांस फूलने जैसी परेशानियों के केस बढ़े, जानकारों के मुताबिक दूसरी बीमारियां होने पर बढ़ सकती है मृत्यु दर

Updated: Oct 24, 2020, 05:41 PM IST

Corona Update: ठीक होने के बाद भी खतरनाक है कोरोना, 45 फीसदी मरीजों को दूसरी बीमारियों ने घेरा
Photo Courtesy: Panipat Live

कोरोना का कहर देश विदेश में जारी है, कहीं कम तो कहीं मरीजों के आंकड़े ज्यादा बढ़ रहे हैं। वहीं कोरोना से ठीक हुए मरीजों को दूसरी गैर संक्रामक बीमारियां अपनी गिरफ्त में लेती जा रही हैं। कोरोना संक्रमण से इंसान के शरीर के साथ दिल, दिमाग, फेफड़े भी कमजोर हो रहे हैं। इसकी वजह से अब गैर संक्रामक बीमारियों का असर तेज हो रहा है। दैनिक भास्कर में छपी रिपोर्ट के अनुसार अहमदाबाद के अपोलो अस्पताल के सीओओ डॉ. करन ठाकुर ने दावा किया है कि भारत में कोविड पूर्व गैर-संक्रामक बीमारियों से मरीजों की मृत्यु दर 70 फीसदी से ज्यादा थी।  लेकिन पोस्ट कोविड कोरोना संक्रमण मुक्त हुए मरीजों के दूसरी बीमारियों की चपेट में आने से भविष्य में मृत्यु दर बढ़ने की आशंका है।

कोरोना मुक्त लोग गैर संक्रामक रोगों से हुए पीड़ित

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कोरोना से रिकवर हुए करीब 45 प्रतिशत लोगों में हार्ट और लंग्स की बीमारियां बढ़ी हैं। कोरोना को मात दे चुके लोगों में गैर संक्रामक रोग जैसे स्ट्रोक, डायबिटीज के लक्षण नजर आए हैं। पोस्ट कोविड इस तरह की बीमारियों के बढ़ने से देश के मेडिकल एक्सपर्ट्स परेशान हैं। पोस्ट कोविड रिकवरी सेंटर्स में कोरोना से ठीक हुए मरीज अब गैर-संक्रामक बीमारियों की समस्याएं लेकर आ रहे हैं।

45 फीसदी मरीजों पर कोरोना का साइड इफेक्ट

कोरोना से स्वस्थ्य होने वाले मरीजों की सुविधा के लिए अहमदाबाद में एक पोस्ट कोविड रिकवरी सेंटर बनाया गया है। जहां डॉक्टरों ने दावा किया है कि कोरोना मुक्त हो चुके 45 फीसदी मरीजों पर कोरोना का साइड इफेक्ट दिखने लगा है। मरीजों में, शुगर, हाइपरटेंशन, ज्वाइंट पेन, सांस फूलना, स्ट्रोक, जैसी दिक्कतें बढ़ रही हैं।

थकान, तनाव, डिप्रेशन, चिंता और पोस्ट ट्रोमेटिक स्ट्रेस के लक्षण

इस अस्पताल में आने वाले कई ऐसे हैं, जिन्हें अस्पताल से छुट्टी मिलने के 15 दिन बाद ही काम करने में परेशानी होने लगी। कुछ मरीजों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी, तो कुछ के ब्रेन की नसों में ब्लॉकेज मिला, जिसकी वजह से उनके शरीर में लकवा जैसे लक्षण पैदा हो गए। कुछ मरीजों ने शुगर लेवल के अनियंत्रित होने की शिकायत की। ज्यादातर मरीजों में थकावट, तनाव, डिप्रेशन, चिंता और पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस देखने को मिला।

देश-दुनिया में कोरोना का कहर जारी

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से शनिवार सुबह जारी आंकडों के अनुसार देश में कोरोना मरीजों की संख्या 78.14 लाख हो गई है। वहीं एक दिन में कोविड 19 संक्रमण के 53,370 नए मामले सामने आए हैं। बीते 24 घंटे में कोरोना से 650 मरीजों की मौत हो गई, जिसके साथ ही देश में कोरोना से जान गंवाने वालों का आंकड़ा 1,17,956  पहुंच गया है। देश में कोरोना संक्रमित 6,80,680 मरीज इलाज करवा रहे हैं। यह संख्या संक्रमित मरीजों की संख्या का 10 प्रतिशत है। वहीं विश्व में कोविड पॉजिटिव मरीजों की संख्या 4.24 करोड़ से अधिक हो चुकी है। जिनमें से करीब 3 करोड़ 14 लाख 86 हजार 198 कोरोना संक्रमित मरीज ठीक हो चुके हैं। पूरी दुनिया में इस बीमारी से करीब 11.48 लाख से की मौत हो चुकी है।

जानलेवा साबित होगी लापरवाही

डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना संक्रमण ठीक होने के बाद भी किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। कोरोना एक नई बीमारी है। संक्रमण मुक्त हो जाने के बाद भी ओवर कॉन्फिडेंस नहीं होना चाहिए। ऐसा करना जानलेवा साबित हो सकता है। संक्रमण से बचने के लिए ठीक ठंग से मास्क पहना जाए, समय-समय पर हाथ धोएं, सोशल डिस्टेंसिंग याने दो गज दूरी के नियम का पालन जरूर करें।