गाजियाबाद में मोबाइल गेम की लत ने उजाड़ीं 3 जिंदगियां, आखिरी टास्क पूरा करने 9वीं मंजिल से कूदीं तीन बहनें
गाजियाबाद के लोनी में मंगलवार रात कोरियन गेम की लत में तीन सगी बहनों ने 9वीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। सुसाइड नोट में लिखा मम्मी-पापा हम गेम नहीं छोड़ सकते। तीनों 2 साल से स्कूल नहीं जा रही थीं।
गाजियाबाद। गाजियाबाद के लोनी इलाके में मंगलवार देर रात एक दर्दनाक घटना हुई। यहां 12, 14 और 16 साल की तीन सगी बहनों ने 9वीं मंजिल की बालकनी से कूदकर आत्महत्या कर ली। रात करीब 2 बजे तीनों बहनें एक-दूसरे का हाथ पकड़े बालकनी से नीचे कूद गई। गिरने की तेज आवाज सुनकर कॉलोनी के लोग बाहर निकले और तुरंत पुलिस को सूचना दी।
यह घटना भारत सिटी के बी-1 टॉवर स्थित फ्लैट नंबर 907 की है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों बच्चियों को एंबुलेंस से लोनी के सरकारी अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस के मुताबिक, जिस ऊंचाई से बच्चियों ने छलांग लगाई वह करीब 80 फीट थी और गिरने से उन्हें गंभीर चोटें आई थी।
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एडिशनल पुलिस कमिश्नर आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि तीनों बहनों ने आत्महत्या की है। वे तीनों एक ही कमरे में रहती थी और मोबाइल फोन पर गेम खेलती थी। फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि किन परिस्थितियों में बच्चियों ने यह कदम उठाया।
घटनास्थल पर बच्चियों के कमरे से एक डायरी बरामद की गई है। इसमें एक सुसाइड नोट मिला है। सुसाइड नोट में बच्चियों ने लिखा है, “मम्मी-पापा सॉरी… हम गेम नहीं छोड़ पा रहे हैं। अब आपको एहसास होगा कि हम इस गेम से कितना प्यार करते थे जिसे आप हमसे छुड़वाना चाहते थे।” नोट में यह भी लिखा गया है कि “कोरियन गेम हमारी जिंदगी, हमारी जान है।”
बच्चियों के पिता चेतन ने बताया कि उनकी बेटियां पिछले करीब तीन साल से इस गेम की आदी थी। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि गेम के जरिए किस तरह के टास्क दिए जा रहे हैं। चेतन का कहना है कि अगर उन्हें पहले से पता होता कि गेम में ऐसे खतरनाक टास्क होते हैं तो वे कभी भी बच्चों को मोबाइल गेम खेलने नहीं देते। उन्होंने अन्य माता-पिता से अपील की है कि वे अपने बच्चों पर नजर रखें और मोबाइल गेमिंग को हल्के में न लें।
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पिता के अनुसार, तीनों बहनें आपस में बेहद जुड़ी हुई थी। बड़ी बेटी प्राची छोटी दोनों बहनों को टास्क देती थी और वे उसकी हर बात मानती थी। तीनों एक साथ ही रहती थी, साथ ही उठती-बैठती थी और यहां तक कि टॉयलेट और नहाने भी साथ जाती थी। चेतन ने बताया कि बेटियां अक्सर कहती थी कि उन्हें कोरिया जाना है और अगर कोई उनके कमरे में जाता तो वे वहां से दूसरे कमरे में चली जाती थी।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि तीनों बच्चियां पिछले दो साल से स्कूल नहीं जा रही थी। वे दिनभर मोबाइल पर गेम खेलती रहती थी और आसपास के लोगों से भी बातचीत नहीं करती थी। एसपी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस को रात 2:18 बजे घटना की सूचना मिली। जिसके बाद तुरंत कार्रवाई की गई।
जांच के दौरान सामने आया है कि बच्चियां जो गेम खेल रही थी उसे कोरियन लव गेम कहा जाता है। यह कोई एक ऐप नहीं बल्कि इंटरनेट पर फैला एक ऑनलाइन चैट और टास्क बेस्ड सिस्टम है। इसमें सामने वाला खुद को कोरियन या विदेशी लड़का-लड़की बताकर बातचीत शुरू करता है। शुरुआत में दोस्ती और प्यार की बातें होती हैं और भरोसा जीतने के लिए आसान टास्क दिए जाते हैं। धीरे-धीरे टास्क मुश्किल होते जाते हैं और मानसिक दबाव बढ़ने लगता है। कई मामलों में टास्क पूरा न करने पर धमकाने की बात भी सामने आई हैं। जिससे खेलने वाला व्यक्ति तनाव और डर में आ जाता है।
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पुलिस और विशेषज्ञ इस मामले की तुलना पहले सामने आ चुके ब्लू व्हेल गेम से भी कर रहे हैं। ब्लू व्हेल गेम के कारण देशभर में कई बच्चों की जान जा चुकी है। इस गेम में 50 दिनों तक रोजाना टास्क दिए जाते थे जो अंत में खुद को नुकसान पहुंचाने और आत्महत्या तक ले जाते थे। भारत सरकार ने 2017 में ब्लू व्हेल गेम को बैन कर दिया था।




