जम्मू-कश्मीर को लेकर पीएम मोदी ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, विधानसभा चुनाव पर चर्चा संभव

24 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है, इसमें जम्मू और कश्मीर दोनों ही क्षेत्रों के नेताओं को बुलाया गया है, बैठक के दौरान विधानसभा चुनाव कराने को लेकर चर्चा होने की संभावना है

Updated: Jun 19, 2021, 12:50 PM IST

जम्मू-कश्मीर को लेकर पीएम मोदी ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, विधानसभा चुनाव पर चर्चा संभव
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नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के सियासी गलियारों में एक बार फिर हलचलें तेज हो गयी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगले शुक्रवार यानी 24 जून को जम्मू-कश्मीर के मसले पर सर्वदलीय बैठक बुलाई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस मीटिंग में जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराने को लेकर चर्चा की जा सकती है। इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह भी शामिल होंगे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला, पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती, जेकेएपी नेता अल्ताफ बुखारी और पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के प्रमुख सज्जाद लोन समेत 9 राजनीतिक दलों के नेताओं को बैठक के लिए न्योता दिया गया है। पीएम के साथ होने वाली इस बैठक में कुल 16 छोटे-बड़े राजनीतिक दलों के शामिल होने की संभावना है। 

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बताया जा रहा है कि इस बैठक में जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और विधानसभा चुनाव का आयोजन करने को लेकर चर्चा होने की संभावना है। साल 2019 में जम्मू-कश्मीर से धारा 370 को खत्म करने के बाद पैदा हुए राजनीतिक गतिरोध को कम करने को लेकर पीएम मोदी का यह पहला कदम माना जा रहा है।

पीडीपी सुप्रीमो महबूबा मुफ्ती ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया है कि केंद्र सरकार की ओर से 24 जून को बैठक के लिए उन्हें न्योता दिया गया है। हालांकि, मुफ़्ती ने बताया कि वह अभी यह तय नहीं कर पाईं हैं कि वे इस बैठक में शामिल होंगी या नहीं। उन्होंने कहा कि मैं पार्टी नेताओं से चर्चा करने के बाद ही कोई फैसला लुंगी।

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इसके पहले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कल ही एनएसए अजित डोभाल, जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा समेत शीर्ष सुरक्षा व खुफिया अधिकारियों से मुलाकात की है। सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार ने पिछले सप्ताह से ही जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा चुस्त करने का आदेश दिया है।

अगस्त 2019 में केंद्र सरकार ने जब जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को खत्म किया था, तब राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू कश्मीर और लद्दाख में बांट दिया गया था। इसके साथ ही पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती, फारुक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला को गिरफ्तार कर लिया गया था, जिन्हें कई महीनों के बाद रिहा किया गया। केंद्र के इस फैसले का जम्मू-कश्मीर में लगातार विरोध होता रहा है।