Qazi Rasheed Masood Dies: पूर्व केंद्रीय मंत्री काजी रशीद मसूद का निधन, रुड़की के अस्पताल में ली अंतिम सांस

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दिग्गज नेता रशीद मसूद नौ बार सांसद रहे, कोरोना संक्रमण ठीक होने के बाद फिर से बिगड़ गई थी सेहत

Updated: Oct-06, 2020, 01:08 AM IST

Qazi Rasheed Masood Dies: पूर्व केंद्रीय मंत्री काजी रशीद मसूद का निधन, रुड़की के अस्पताल में ली अंतिम सांस
Photo Courtsey: Hindustan Khabar

नई दिल्ली। पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता काजी रशीद मसूद का सोमवार को निधन हो गया। 73 वर्षीय मसूद बीते दिनों कोरोना संक्रमित पाए गए थे जिसके बाद उन्हें दिल्ली स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इस दौरान उन्होंने कोरोना से जंग जीत भी ली, हालांकि बाद में उनकी तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई।

काजी रशीद मसूद के भतीजे पूर्व विधायक इमरान मसूद ने मीडिया को बताया है कि कोरोना से इलाज कराकर वह सहारनपुर लौट आए थे। लेकिन उनकी सेहत फिर से बिगड़ गई जिसके बाद उन्हें रुड़की के एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। इसी नर्सिंग होम में सोमवार सुबह साढ़े दस बजे उन्होंने आखिरी सांसें लीं।

पश्चिमी यूपी के बड़े नेता थे रशीद मसूद

रशीद मसूद पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कद्दावर नेता माने जाते थे। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वे नौ बार सांसद चुने गए थे। पांच दशकों के अपने राजनीतिक जीवन में वे राज्यसभा के लिए भी निर्वाचित हुए। 1989 के लोकसभा चुनाव में रशीद मसूद जनता दल उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़े थे और जीतने के बाद उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिली थी। वीपी सिंह से लेकर मुलायम सिंह यादव के हमसफ़र रहे मसूद साल 2012 में कांग्रेस में शामिल हो गए थे।

कल ही हुआ था नसीब पठान का निधन

बता दें कि कल यानी रविवार को ही उत्तर प्रदेश कांग्रेस के एक अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेता नसीब पठान का भी कोरोना से निधन हो गया था। पठान पूर्व विधान परिषद सदस्य थे और मेदांता अस्पताल में अपना कोरोना इलाज करवा रहे थे।

इलाज के दौरान उन्होंने एक वीडियो भी जारी किया था, जिसे साझा करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है। वीडियो में देखा जा सकता है कि वे अस्पताल में गंभीर हालात में ऑक्सीजन सपोर्ट सिस्टम पर हैं। इस वीडियो में उन्होंने हाथरस कांड पर दुख जाहिर करते हुए राहुल-प्रियंका के साथ पुलिस की बदसलूकी की भी कड़ी निंदा की थी।