दूसरे धर्म में भांजे तेजस्वी की शादी से मामा साधु यादव नाराज़, असली भकचोंहर तो तेजस्वी है अब नहीं बन पाएंगे CM

तेजस्वी यादव ने गुरुवार को अपनी बचपन की दोस्त रेचल से शादी कर की, रेचल ईसाई धर्म से ताल्लुक रखती हैं

Publish: Dec 10, 2021, 05:26 PM IST

दूसरे धर्म में भांजे तेजस्वी की शादी से मामा साधु यादव नाराज़, असली भकचोंहर तो तेजस्वी है अब नहीं बन पाएंगे CM

नई दिल्ली। दूसरे धर्म में विवाह करने को लेकर तेजस्वी के मामा साधु यादव उनसे नाराज चल रहे हैं। साधु यादव ने कहा है कि असल मायनों में भकचोंहर तो तेजस्वी यादव हैं, जो उन्होंने दूसरे धर्म में शादी की। साधु यादव ने कहा कि अब तेजस्वी को बिहार का मुख्यमंत्री बनने का सपना छोड़ देना चाहिए। 

साधु यादव ने कहा कि अब तेजस्वी यादव खुद भी क्रिश्चियन हो चुके हैं। इसलिए उन्हें अब सीएम बनने का सपना छोड़ देना चाहिए। दूसरे धर्म में शादी कर तेजस्वी ने बिहार के 21 फीसदी यादवों का अपमान किया है। इसलिए पूरा यादव समाज अगले चुनाव में अपने इस अपमान का बदला लेगा। साधु यादव ने कहा कि तेजस्वी आठ वर्ष की उम्र से ही रेचल के साथ रिलेशनशिप में थे। 

साधु यादव ने अपने जीजा और बिहार के पूर्व सीएम लालू यादव पर भी अपना आक्रोश जाहिर किया। साधु यादव ने कहा कि लालू ने अपनी बेटियों की शादी तो यादव समाज में ही कराई लेकिन उन्होंने तेजस्वी को दूसरे धर्म में शादी करने की अनुमति कैसे दे दी? उन्होंने तेजस्वी को वो संस्कार क्यों नहीं दिए? 

साधु यादव बिहार के पूर्व सीएम राबड़ी देवी के भाई हैं। साधु यादव 2001 में बिहार विधान परिषद के सदस्य बने थे। इसके बाद 2004 में उन्होंने आरजेडी के टिकट पर लोकसभा का चुनाव जीता। हालांकि बाद में अपने जीजा और आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव से रिश्ते खराब होने के बाद साधु यादव ने कांग्रेस ज्वाइन कर ली। 

साधु यादव को 2009 में चंपारण लोकसभा सीट से टिकट दिया गया। वहीं 2010 के चुनावों में भी साधु यादव को कांग्रेस ने टिकट दिया। लेकिन दोनों ही मर्तबा साधु यादव को हार झेलनी पड़ी। कांग्रेस पार्टी ने जल्द ही साधु यादव को उनके रवैये के कारण पार्टी से निलंबित कर दिया।

 2014 के लोकसभा चुनाव में साधु यादव ने खुद अपनी बहन राबड़ी देवी के खिलाफ सारण सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में पर्चा भरा। लेकिन चुनावों में बीजेपी के राजीव प्रताप रूडी को जीत मिली। इसके बाद बीते लोकसभा चुनाव में साधु यादव ने बीएसपी के टिकट पर महाराजगंज से चुनाव लड़ा, लेकिन बीजेपी के जनार्दन सिंह चुनाव जीत गए।