हक के लिए जद्दोजहद: 46 डिग्री पारे में युवाओं का पैदल मार्च, पैरों में पड़े छाले पर पस्त नहीं हुए हौसले

SSC GD 2018 के अभ्यर्थी कर रहे नागपुर से दिल्ली मार्च, परिक्षा पास करने के बावजूद नहीं मिली नियुक्ति, बीजेपी सांसद वरुण गांधी बोले- इनके त्याग और तपस्या की अब और परिक्षा मत लीजिए

Updated: Jun 10, 2022, 07:13 PM IST

हक के लिए जद्दोजहद: 46 डिग्री पारे में युवाओं का पैदल मार्च, पैरों में पड़े छाले पर पस्त नहीं हुए हौसले

नई दिल्ली। केंद्रीय अर्धसैनिक बल में कॉन्सटेबल के पद पर भर्ती के लिए छात्र जद्दोजहद कर रहे हैं। परीक्षा पास करने के बावजूद करीब 5 हजार छात्रों को जॉइनिंग नहीं दी गई। इसको लेकर छात्र 46 डिग्री तापमान में नागपुर के संविधान चौक से दिल्ली के जंतर-मंतर तक पैदल मार्च कर रहे हैं। स्थिति ये है कि उनके पैरों में छाले पड़ गए लेकिन हौसले पस्त नहीं हुए। बीजेपी सांसद वरुण गांधी ने इस मामले पर केंद्र सरकार को निशाने पर लिया है।

वरुण गांधी ने पैदल मार्च कर रहे युवाओं का वीडियो ट्वीट कर लिखा है कि, 'आसमान आग बरसा रहा है और SSC GD 2018 के अभ्यर्थी नागपुर से दिल्ली पैदल चल कर आ रहे हैं। इन कर्मठ युवाओं की जगह सड़क पर नहीं, केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के दफ्तर में हैं। कोई उपकार मत करिए, इन्हें बस इनका हक, इनका रोजगार दे दीजिए। इनके त्याग और तपस्या की अब और परीक्षा मत लीजिए।'

दरअसल, भारत सरकार ने अर्धसैनिक बल के लिए साल 2018 में कॉन्स्टेबल की भर्ती निकाली थी। यहां भर्ती पूरे देश में एसएससी स्टाफ सिलेक्शन कमीशन के तरफ से की गई। 21 जनवरी 2021 को सिलेक्शन हुआ, 55,500 लड़के-लड़कियों की नियुक्ति हुई और बचे हुए 5 हजार पद अभी तक भरे नहीं गए। उसी 5,000 पद के लिए पिछले 16 महीने से सैनिक आंदोलन कर रहे हैं। हैरानी की बात ये है कि ये अभ्यर्थी मेडिकल टेस्ट भी पास हो गए हैं, बावजूद उन्हें नियुक्ति नहीं दी जा रही है।

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नियुक्ति नहीं होने से नाराज छात्र पिछले एक साल से बारिश और कड़ाके की धूप के बीच दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन करते रहे। हर स्तर पर जाकर भर्ती करने की गुहार लगाई। फिर भी जॉइनिंग के मुद्दे पर आज तक सरकार ने कोई सुनवाई नहीं की। अब छात्र नागपुर से दिल्ली के लिए पैदल मार्च पर निकल पड़े हैं।

चिलचिलाती धूप में नागपुर से पैदल निकले युवाओं और कई लड़कियों के पैर में छाले पड़ गए हैं। इस गर्मी में कई लड़कियों को डायरिया की शिकायत भी हो रही है। लेकिन उनके हौसले कमजोर नहीं हुए। उनका कहना है कि वह अपने हक के लिए लड़ाई कर रही हैं। उनके साथियों को जॉइनिंग दे दी गई है लेकिन उन्हें नहीं। आखिर सरकार दो तरह का व्यवहार क्यों कर रही है।

ये अभ्यर्थी एक दिन में भी करीब 40 किलोमीटर चल रहे हैं और 1000 से अधिक ज्यादा किलोमीटर पैदल चलकर जंतर मंतर में धरना देंगे।