सुप्रीम कोर्ट ने CBSE, ICSE 12वीं की परीक्षा रद्द करने की याचिका पर सुनवाई 31 मई तक स्थगित की

कोरोनावायरस मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए CBSE और आईसीएसई की कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने की मांग वाली याचिका स्थगित कर दी गई है। अब इस याचिका पर सोमवार, 31 मई, 2021 को सुनवाई होगी।

Updated: May 28, 2021, 01:29 PM IST

सुप्रीम कोर्ट ने CBSE, ICSE 12वीं की परीक्षा रद्द करने की याचिका पर सुनवाई 31 मई तक स्थगित की
Photo courtesy: ABP

दिल्ली। देश में बढ़ते कोरोना मामलों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड और काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन  सीबीएसई, आईसीएसई 12वीं की परीक्षा को 30 जून तक स्थगित कर दिया है। सीबीएसई और आईसीएसई  कक्षा 12 वीं की बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने की मांग वाली याचिका पर सोमवार 31 मई 2021 को सुनवाई होगी। बता दें, सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एएम खानविलकर की अगुवाई वाली बेंच ने कक्षा 12 वीं बोर्ड परीक्षा रद्द करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई की है। सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा कि 31 मई को सरकार द्वारा कक्षा 12 वीं बोर्ड परीक्षाओं पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। संभव है कि सरकार का फैसला आपके पक्ष में हो आप आशावादी बने रहिए।


सुनवाई के दौरान जस्टिस ए एम खानविलकर और जस्टिस दिनेश माहेश्वरी की पीठ ने याचिकाकर्ता ममता शर्मा से सवाल पूछा कि क्या उन्होंने सीबीएसई और आईसीएसई के वकीलों को सुनवाई से पहले याचिका की प्रति दी थी?  जवाब में ममता शर्मा कहा कि वह आज वकीलों को एडवांस कॉपी भेजेंगी। पीठ ने इस पर जवाब देते हुए कहा कि याचिकाकर्ता को सीबीएसई और आईसीएसई के वकीलों को सुनवाई से पहले प्रति भेजनी होती है। इसलिए सुनवाई को स्थगित किया जा रहा है। 

 

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट ममता शर्मा द्वारा दायर याचिका में केंद्र, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) को सीबीएसई और आईसीएसई कक्षा 12 की परीक्षाओं को रद्द करने का निर्देश देने की मांग की गई है। याचिका में, अधिवक्ता ने उच्चतम न्यायालय से राष्ट्रीय परीक्षा आयोजित करने वाले अधिकारियों को विशिष्ट समय सीमा के भीतर वस्तुनिष्ठ पद्धति के आधार पर कक्षा 12 के परिणाम घोषित करने का निर्देश देने का अनुरोध किया है।


वहीं 300 से ज्यादा छात्रों ने भारत के चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एनवी रमना को परीक्षा के फिजिकल संचालन के प्रस्ताव को रद्द करने और पिछले साल की तरह एक वैकल्पिक मूल्यांकन योजना प्रदान करने के लिए एक पत्र भी लिखा है।