IPL में हनी ट्रैप और सुरक्षा खतरे को लेकर BCCI सख्त, होटल रूम से डगआउट तक बाहरी लोगों की एंट्री पर रोक

आईपीएल 2026 में सुरक्षा और हनी ट्रैप के खतरों को देखते हुए बीसीसीआई ने बेहद सख्त नियम लागू किए हैं। अब खिलाड़ियों के रूम में बिना इजाजत एंट्री नहीं मिलेगी और ड्रेसिंग रूम-डगआउट में मालिकों का प्रवेश भी बैन कर दिया गया है।

Updated: May 08, 2026, 06:32 PM IST

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के दौरान खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ की सुरक्षा को लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने बड़े और सख्त कदम उठाए हैं। हनी ट्रैप और सुरक्षा से जुड़े संभावित खतरों को देखते हुए बोर्ड ने खिलाड़ियों के होटल रूम, टीम बस, ड्रेसिंग रूम और डगआउट में बिना अनुमति बाहरी लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही फ्रेंचाइजी मालिकों और टीम से जुड़े अन्य लोगों की गतिविधियों पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है।

बीसीसीआई की एंटी करप्शन एंड सिक्योरिटी यूनिट (ACSU) की हालिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि कई मैचों के दौरान टीम बस, होटल और डगआउट जैसे प्रतिबंधित क्षेत्रों में ऐसे लोग मौजूद पाए गए जिन्हें वहां रहने की अनुमति नहीं थी। बोर्ड ने इसे सुरक्षा और प्रोटोकॉल उल्लंघन का गंभीर मामला माना है।

यह भी पढ़ें:MP में रिश्वत लेते पकड़ाए 3 सरकारी डॉक्टर, प्राइवेट लैब से लेते थे 50 प्रतिशत कमीशन

बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने सभी आईपीएल फ्रेंचाइजियों को भेजे निर्देश में साफ कहा है कि अब किसी भी खिलाड़ी या सपोर्ट स्टाफ के होटल रूम में किसी मेहमान को तभी प्रवेश मिलेगा जब टीम मैनेजर की लिखित मंजूरी होगी। इसके अलावा खिलाड़ियों और स्टाफ को देर रात या अनियमित समय पर होटल से बाहर जाने से भी रोका गया है। यदि किसी जरूरी कारण से बाहर जाना हो तो सिक्योरिटी लायजन ऑफिसर और टीम इंटीग्रिटी ऑफिसर को पहले से जानकारी देना अनिवार्य होगा।

बोर्ड ने मैच के दौरान फ्रेंचाइजी मालिकों की खिलाड़ियों और टीम स्टाफ तक सीधी पहुंच भी सीमित कर दी है। नए निर्देशों के अनुसार, अब मालिक ड्रेसिंग रूम, डगआउट या मैदान में जाकर खिलाड़ियों से बातचीत नहीं कर सकेंगे। बीसीसीआई का मानना है कि मैच के दौरान ऐसे संपर्क सुरक्षा और एंटी-करप्शन प्रोटोकॉल को प्रभावित कर सकते हैं।

यह भी पढ़ें:हाईकोर्ट पहुंचा बरगी क्रूज हादसे का मामला, प्रदेशभर में क्रूज सेवाएं बंद करने की उठी मांग

इसी बीच आईपीएल 2026 में वेपिंग और ई सिगरेट से जुड़े मामले भी सामने आए हैं। जिसके बाद बोर्ड ने इस पर भी सख्त रुख अपनाया है। रियान पराग पर वेपिंग से जुड़े मामले में जुर्माना लगाया जा चुका है। वहीं, युजवेंद्र चहल का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। हालांकि, उन्होंने इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। इन घटनाओं के बाद बीसीसीआई ने ड्रेसिंग रूम, होटल, टीम बस और प्रैक्टिस एरिया समेत आईपीएल से जुड़े सभी स्थानों पर वेपिंग और ई सिगरेट के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। बोर्ड ने याद दिलाया कि भारतीय कानून के तहत पहले से ही ई सिगरेट और वेपिंग बैन हैं।

बीसीसीआई ने खिलाड़ियों और फ्रेंचाइजियों को चेतावनी दी है कि यदि कोई इन नए नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ जुर्माना, निलंबन या टूर्नामेंट से अयोग्य घोषित करने जैसी कार्रवाई की जा सकती है।

यह भी पढ़ें:इंदौर के पूर्व विधायक अश्विनी जोशी का 66 वर्ष की आयु में निधन, हार्ट अटैक आने से हुई मौत

हाल ही में रोमी भिंडर 10 अप्रैल को गुवाहाटी में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ मुकाबले के दौरान डगआउट में मोबाइल फोन इस्तेमाल करते नजर आए थे। जिसके बाद सुरक्षा नियमों को लेकर सवाल उठे थे। बीसीसीआई आईपीएल की विश्वसनीयता और पारदर्शिता को लेकर पहले से बेहद सतर्क रहा है। साल 2013 में सामने आए स्पॉट फिक्सिंग विवाद के बाद एंटी करप्शन यूनिट की भूमिका को और मजबूत किया गया था। वर्तमान में हर आईपीएल टीम के साथ ACSU का एक समर्पित अधिकारी तैनात रहता है जो खिलाड़ियों की गतिविधियों और उनसे मिलने वाले लोगों पर लगातार नजर रखता है।