यूरो कप हारने के बाद हिंसा पर उतारू हुए इंग्लैंड टीम के प्रशंसक, स्टेडियम के बाहर इटली के प्रशंसकों को दौड़ा दौड़ाकर पीटा

वेम्ब्ले स्टेडियम के बाहर इंग्लैंड टीम के प्रशंसक हिंसक अवतार में नज़र आए, उन्होंने इटली के प्रशंसकों के साथ मारपीट की और इटली के झंडे का भी बीच सड़क पर अपमान किया

Updated: Jul 12, 2021, 03:56 PM IST

यूरो कप हारने के बाद हिंसा पर उतारू हुए इंग्लैंड टीम के प्रशंसक, स्टेडियम के बाहर इटली के प्रशंसकों को दौड़ा दौड़ाकर पीटा

नई दिल्ली। यूरो कप के फाइनल में इटली के हाथों मिली हार इंग्लैंड के प्रशंसक पचा नहीं पाए। हार से गुस्साए इंग्लैंड के प्रशंसकों ने वेम्ब्ले स्टेडियम के बाहर हिंसक रुख अख्तियार कर लिया। इंग्लैंड के प्रशंसक इटली के प्रशसंकों के साथ हिंसा पर उतारू हो गए। 

वेम्ब्ले स्टेडियम के बाहर इंग्लैंड टीम के प्रशंसकों ने इटली के फैंस के साथ जमकर मारपीट की। इंग्लैंड के प्रशंसकों ने इटली के फैंस के कपड़े तक फाड़ डाले। एक प्रशंसक ने तो इटली के एक प्रशंसक के कपड़े में आग तक लगाने की कोशिश की। लेकिन वह इसमें कामयाब नहीं हो पाया। हिंसा का यह क्रम सिर्फ यहीं नहीं रुका। इंग्लैंड के प्रशंसकों ने इटली के झंडे का भी अपमान किया। इंग्लैंड के प्रशंसक इटली के झंडे पर थूकते और उसे अपने पैरों से रोंदते हुए दिखे।  

दरअसल यूरो कप का फाइनल मुकाबला इटली और इंग्लैंड के बीच खेला गया था। इंग्लैंड के प्रशंसकों को यह उम्मीद थी कि इस मर्तबा इंग्लैंड का यूरो कप में 55 साल का सूखा समाप्त हो जाएगा। लेकिन पेनल्टी शूटआउट में इटली को 3-2 से हराकर 53 साल बाद अपने सूखे को समाप्त कर दिया। लेकिन खिताबी मुकाबले में मिली हार इंग्लैंड के प्रशंसकों के गले नहीं उतर पाई, जिसका खामियाजा इटली के प्रशंसकों को भुगतना पड़ गया।  

हालांकि इंग्लैंड के प्रशंसकों का गुस्सा सिर्फ सड़कों पर ही नहीं दिखा। सोशल मीडिया पर भी तीन खिलाड़ियों को ऑनलाइन रेसिज़्म का शिकार होना पड़ गया। यह तीनों खिलाड़ी इंग्लैंड की टीम का ही हिस्सा हैं और खिताबी मुकाबले में पेनल्टी शूटआउट के दौरान गोल करने से चूक गए थे।  

मारकस रेशफोर्ड, जेडेन सांचो और बुकायो साका को पेनल्टी शूटआउट में आखिरी तीन पेनल्टी गोल करने की ज़िम्मेदारी दी गई थी। तीनों ही खिलाड़ी अश्वेत हैं। आखिरी तीनों पेनल्टी इंग्लैंड की टीम ने गंवा दिया। जिस वजह से इटली 3-2 के अंतर से यूरोप कप का विजेता बन गया। हार के बाद इंग्लैंड टीम के प्रशंसकों का गुस्सा इन तीन खिलाड़ियों पर भी फुट पड़ा और उनके खिलाफ नस्लवादी टिप्पणियां शुरु हो गईं।