रायपुर के अंबेडकर अस्पताल में डाक्टरों की लापरवाही, जिंदा बुजुर्ग महिला को बताया मृत, अंतिम संस्कार के दौरान लौटी सांसें

रायपुर में डाक्टरों की करतूत उजागर, जिंदा महिला को मृत बताया, मुखाग्नि देने से पहले लौटी सांस, दोबारा जांच के दौरान हुई मौत, परिजनों ने अंबेडकर अस्पताल के डाक्टरों पर लगाया लापरवाही का आरोप कहा, वक्त पर इलाज मिलता तो जिंदा रहती उनकी मां

Updated: Apr 29, 2021, 12:58 PM IST

रायपुर के अंबेडकर अस्पताल में डाक्टरों की लापरवाही, जिंदा बुजुर्ग महिला को बताया मृत, अंतिम संस्कार के दौरान लौटी सांसें
Photo courtesy: drbramhraipur.in

रायपुर। राजधानी के डॉक्टर भीमराव अंबेडकर अस्पताल में डाक्टरों की लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां डाक्टरों ने एक जिंदा महिला को मृत बता दिया। 72 वर्षीय महिला का नाम लक्ष्मी बाई अग्रवाल था, बुधवार को बुजुर्ग की तबीयत अचानक खराब हो गई थी। जिसके बाद उन्हें अस्पताल लाया गया था। और डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। परिजनों का आरोप है कि अगर डाक्टरों ने ठीक से जांच की होती तो वक्त पर उन्हें इलाज मिल जाता औऱ उनकी मां जिंदा होती।

बुधवार को जब डाक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया था तब परिजनों ने अंतिम संस्कार की तैयारी कर ली। लेकिन जैसे ही महिला को चिता पर लिटाया गया, उनके शरीर में हलचल होने लगी। अंतिम संस्कार की प्रक्रिया रोककर महिला को नजदीकी प्राइवेट अस्पताल में ले जाया गया। दोबारा अस्पताल ले जाने पर डाक्टरों ने चेक किया तो महिला जिंदा थी।

जिसके बाद परिजन बुजुर्ग महिला को लेकर दोबारा अंबेडकर अस्पताल लेकर आए। वहां दोबारा उनका चेकअप किया जा रहा था। उस दौरान बुजुर्ग की सांसें थम गईं। आशा कि किरण के बाद दोबारा निराशा छा गई। परिजन मायूसी के साथ बुजुर्ग का अंतिम संस्कार करने दोबारा श्मशान घाट गए। अब परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने डाक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है, उनका कहना है कि अगर पहले ही सही जांच हो जाती और इलाज मिल जाता उनकी मां आज उनके बीच होती।