छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 5 लाख के पार, अब कुल 16 जिलों में लॉकडाउन

छत्तीसगढ़ में बेकाबू हुई कोरोना की रफ्तार, कोविड पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा 5 लाख से ज्यादा हुआ, 16 जिलों में जारी है लॉकडाउन फिर भी नहीं रुक रहा संक्रमण का सिलसिला, निजी अस्पतालों के 50 फीसदी बेड कोरोना मरीजों के लिए रिजर्व

Updated: Apr 16, 2021, 01:22 PM IST

छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 5 लाख के पार, अब कुल 16 जिलों में लॉकडाउन
Photo courtesy: Free Press Journal

रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोरोना मरीजों की सख्यां 5 लाख को पार कर गई है। अब प्रदेश में कुल संक्रमित मरीज  5 लाख 15 सौ तक पहुंच गए हैं। बीते 24 घंटों में प्रदेश में कुल 15,256 नए कोरोना मरीजों की पुष्टि हुई है। रायपुर में सबसे ज्यादा 3,438 मरीज मिले हैं। रायपुर में सबसे ज्यादा 60 मरीजों की मौत हुई है।

प्रदेश में बीते 24 घंटों में कोरोना से 105 मरीजों की मौत हुई है। गरियाबंद में एक बार फिर कोरोना बम फूटा है, यहां नगर सेना ऑफिस के 42 जवान कोरोना संक्रमित मिले हैं। इन सभी जवानों ने कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगवा थी बावजूद इसके ये संक्रमित हो गए हैं।   

कोरोना संक्रमण की रफ्तार पर लगाम लगाने के लिए लॉकडाउन किया गया है। इनदिनों रायपुर समेत 16 जिलों में लॉकडाउन किया जा चुका है।कोरोना संक्रमितों की संख्या में मद्देनजर छत्तीसगढ़ सरकार ने प्राइवेट अस्पतालों में ऑक्सीजन वाले 50 फीसदी बेड़ कोरोना मरीजों के लिए रिजर्व करने को कहा है। रायपुर में 5512 बिस्तरों में से 3531 कोविड मरीजों के लिए रिजर्व किए गए हैं।  

रायपुर, कोरिया, दुर्ग, राजनांदगांव और बेमेतरा में 19 अप्रैल तक लॉकडाउन है। पेंड्रा, मुंगेली, बालौदबाजार बिलासपुर में 21 अप्रैल तक कोरबा, रायगढ़ में 22 अप्रैल तक जबकि धमतरी, सरगुजा, गरियाबंद, जांजगीर चांपा में 23 अप्रैल तक औऱ बलरामपुर में 25 अप्रैल तक लॉकडाउन रखा गया है।

 कोरोना महामारी के मद्देनजर छत्तीसगढ़ सरकार ने एस्मा लागू कर दिया है। जो कि प्रदेश के कानून स्वास्थ्य, स्वच्छता, बिजली, जल आपूर्ति और सुरक्षा सेवा में लगे कर्मचारियों पर लागू होगा। एस्मा लागू होने के बाद प्रदेश में सरकारी आदेशों की अवहेलना करने पर, हड़ताल करने पर कड़ी कार्रवाई और सजा का प्रवधान है।

पड़ोसी राज्यों से छत्तीसगढ़ आने वालों की कोरोना जांच जरूरी कर दी गई है।  पूर्ण बंदी के डर से रोज कमाने खाने वाले दिहाड़ी मजदूरों का पलायन एक बार फिर शुरू हो गया है। अन्य राज्यों में काम करने वाले छत्तीसगढ़ के मजदूरों की वापसी भी तेजी से हो रही है।