कोरोना वैक्सीनेशन के मामले में दिल्ली रहा फिसड्डी, रायपुर ने मारी बाजी

देश के टॉप महानगरों से आगे निकलते हुए रायपुर में अब तक सबसे ज्यादा 66.4 % लोगों को पहली और 19.82 % लोगों को लगी दूसरी डोज, कोलकाता दूसरे और बेंगलुरु तीसरे नबंर पर, दिल्ली ने किया निराश अब तक केवल 35.01 % को पहली और 11.01 % को ही लगी दूसरी डोज

Updated: Jul 24, 2021, 12:02 PM IST

कोरोना वैक्सीनेशन के मामले में दिल्ली रहा फिसड्डी, रायपुर ने मारी बाजी
Photo courtesy: Indian express

रायपुर। देशभर में कोरोना वैक्सीनेशन के लिए तरह तरह के प्रयास जारी है। केंद्र की ओर से लोगों के लिए मुफ्त दवा मिलने के बाद भी देश की राजधानी दिल्ली और आर्थिक राजधानी कही जाने वाली मुंबई जैसे महानगरों का प्रयास निराशा जनक रहा है। वहीं इस मामले में छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयास से राजधानी रायपुर में वैक्सीनेशन का काम तेजी से जारी है। यही वजह है कि रायपुर ने देश के कई महानगरों को मात दे दी है।

जहां दिल्ली में पहली डोज लगवाने वालों का आंकड़ा मजह 35 प्रतिशत है, वहीं रायपुर में यह 66 % तक पहुंच गया है। वहीं दूसरी डोज के मामले में भी रायपुर ने बाजी मारी है। रायपुर में 19.82 %लोगों को दूसरी डोज लगी है जबकि दिल्ली में 11.01 % लोगों की ही दूसरी डोज लगाई गई है।

दरअसल हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने महानगरों में वैक्सीनेशन पर स्टड़ी की है। जिसमें रायपुर में कुल जनसंख्या में से 66.40 प्रतिशत को पहला और 19.82 प्रतिशत को दोनों डोज लग चुके हैं।  

वहीं अगर देश के अन्य महानगरों की बात करें तो दूसरा स्थान कोलकाता का है, वहां अब तक 61.08% लोगों को पहला और 21% लोगों को दूसरा डोज दिया जा चुका है। तीसरा स्थान बेंगलुरु का है यहां 57.8% लोगों को पहली और 14% लोगों को कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लगाई जा चुकी है। चौथी रैंक हैदराबाद को हासिल हुई है यहां 53.07% लो और 13.04% लोगों का ही वैक्सीनेशन हुआ है।

पांचवें पायदान पर चेन्नई है यहां में 51.6% को कोरोना वैक्सीन की पहली और 17.9% लोगों को दूसरी खुराक लगाई गई है। वहीं छठे पायदान पर मुंबई को जगह मिली है। सबसे ज्यादा कोरोना की मार झेलने वाले राज्य की राजधानी में अब तक केवल 51.01% लोगों को पहली और 15.07% लोगों को दूसरी डोज लगाई जा चुकी है। 

देशभर में कोरोना वैक्सीनेशन का काम 16 जनवरी से शुरु हुआ था, जिसमें पहले 60 साल से ज्यादा फिर 45 साल से ज्यादा के लोगों के लिए टीके उपलब्ध करवाए गए। फिर 1 मई से 18 साल से उपर के सभी लोगों का वैक्सीनेशन का रास्ता खोल दिया गया। इसी मुहिम में तेजी लाने के लिए 21 जून से वैक्सीनेशन का महाअभियान चलाया गया। अब लोगों में कोरोना की तीसरी लहर की डर की वजह से जागरुकता तो बढ़ी है। लेकिन वैक्सीन की आपूर्ति राह में बाधा बन जाती है। जिसकी वजह से लोगों को कई बार वैक्सीनेशन सेंटर्स से वापस लौटना पड़ जाता है। इस सब चुनौतियों को पार करते हुए रायपुर ने देश में सबसे ज्यादा वैक्सीनेशन करने वाले महानगरों में पहला स्थान पाया है।