MP : किसानों के साथ छल, प्रमाणित के बदले मिल रहे आम बीज

प्रमाणित बीजों के पैक में आम बीज, बीजों कासत्‍यापन करवाने की मांग

Publish: Jul 07, 2020 09:19 PM IST

MP : किसानों के साथ छल, प्रमाणित के बदले मिल रहे आम बीज
Photo courtesy : atalstambh

भोपाल। मध्यप्रदेश में प्रमाणित बीजों के नाम पर बाजारों में धड़ल्ले से आम बीजों की बिक्री हो रही है। प्रदेश के किसानों को धोखे में रखकर मंडियों से खरीद आम बीज पर प्रमाणित बीज की मुहर लगाकर बिक्री करने से उत्पादन में 30 से 40 फीसदी की कमी हो रही है। इससे कृषि दिनों दिन घाटे में जा रही है, किसानों का पलायन हो रहा है, कर्ज बढ़ता जा रहा है व आत्महत्याएं बढ़ रही है।

किसानों के साथ इस धोखाधड़ी पर मध्यप्रदेश किसान कांग्रेस ने मांग की है कि किसानों का सत्यापन, बीज की किस्म व बुआई की तारीखों का विशेष ध्यान रखा जाए। मध्यप्रदेश किसान कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष केदार शंकर सिरोही ने राज्य बीज प्रमाणीकरण संस्था के प्रबंधक को पत्र लिखकर बीज उत्पादन की प्रक्रिया को नियमानुसार करने की मांग की है। उन्होंने कहा, 'प्रदेश में प्रामाणिक बीज के नाम पर 80 फीसदी बीज (सोयाबीन, गेहूं, मूंग, चना, धान) मंडियों से खरीदकर प्रमाणित बीज की मुहर लगाकर बाजार में बिक्री हो रहा है जिसके कारण 30 से 40 फीसदी बीज उत्पादन कम होता है नतीजन कृषि दिनों दिन घाटे में जा रही है। प्रदेश सरकार किसानों का सत्यापन, बीज की किस्म व बुआई की तारीखों का विशेष ध्यान रखे।' 

उपार्जन केंद्रों पर अनाजों की जांची जाए गुणवत्ता

सिरोही ने राज्यपाल को पत्र लिखकर प्रदेश के उपार्जन केंद्रों पर अनाजों की खरीदी के दौरान सरकार द्वारा गुणवत्ता से समझौता किए जाने का भी मामला उठाया है। उन्होंने महामहिम को पत्र के माध्यम से कहा कि, 'इस वर्ष न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसानों से सरकार द्वारा निश्चित गुणवत्ता के मापदंडों पर खरीदी की जानी चाहिए थी, किन्तु प्रदेश में कई जगह गुणवत्ता से समझौता किया गया जिसका नुकसान PDS के माध्य से वितरण होने पर गरीब लोगों को उठाना पड़ेगा।'

प्रदेश के कई उपार्जन केंद्रों से खबरें आ रही हैं कि सरकार द्वारा निश्चित गुणवत्ता के मानकों का पालन किए बगैर अनाजों का उपार्जन किया जा रहा है। ऐसे में खरीदी करने से खुले बाजार में बिक्री पर दर्शाई गयी गुणवत्ता नहीं होने पर बिक्री में समस्या आएगी साथ ही जितनी मात्रा में खरीदी हुई उसके अनुरूप वेयरहाउस में खरीदी की गई फसल नहीं होने की कई जगह पुष्टि हुई है एवं मौसम के कारण गेहूं, चना में वजन बढ़ने की प्रवृत्ति का फायदा उठाने के लिए वर्तमान वजन में वजन चोरी की भी खबरें हैं। इस बात को प्रमाणित करने वाली कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई है।

किसान कांग्रेस ने प्रदेश में की गयी MSP पर खरीदी में अनियमितता, मात्रात्मक और गुणावत्तात्मक गड़बड़ी की आशंका जताई है। इस बाबत किसान कांग्रेस द्वारा राज्य सरकार को कई दफा पत्र व ट्विटर के माध्यम से अवगत कराने के बाद संतुष्ट जवाब न मिलने के कारण उन्होंने राज्यपाल को पत्र लिखा है।

सिरोही ने पत्र के माध्यम से राज्यपाल से मांग की है कि प्रदेश में की गई अनाज और चने की खरीदी की सरकार को निर्देशित कर स्टॉक की मात्रात्मक और गुनवत्तात्मक जांच स्वतंत्र एजेंसी द्वारा कराई जाए ताकि राज्य के गांव, गरीब व किसानों के हितों की सरंक्षण की जा सके।