किसान बर्बाद मगर 5 लाख टन मक्का आयात कर रही सरकार

महज़ 15 फीसदी के आयात शुल्क पर मक्‍का का आयात करने से भारत में मक्का की खेती करने वाले किसानों को बड़ा नुकसान होगा

Publish: Jun-24, 2020, 04:37 PM IST

किसान बर्बाद मगर 5 लाख टन मक्का आयात कर रही सरकार

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने विदेश से 5 लाख टन मक्का का आयात करने का निर्णय लिया है। सरकार विदेश से मक्का की खरीदी महज़ 15 फीसदी के आयात शुल्क पर करेगी। इससे भारत में मक्का की खेती करने वाले किसानों को बड़ा नुकसान होगा। अमूमन भारत में मक्का का आयात 60 फीसदी आयात शुल्क पर किया जाता है। अब महज़ 15 फीसदी पर मक्के का आयात किसानों के लिए परेशानी का सबब बन जाएगा।

न्यूज़ एजेंसी रायटर्स ने यह खबर देते हुए बताया है कि कुछ वर्षों पहले तक भारत दक्षिण पूर्वी एशिया में मक्का का सबसे बड़ा उत्पादक था। भारत से बड़ी संख्या में मक्का का निर्यात होता था। लेकिन हाल के वर्षों में भारत में मक्का के उत्पादन में गिरावट देखने को मिली है। इस वजह से एक समय में मक्का के सबसे बड़े निर्यातकों में से एक रहा भारत अब मक्का का आयात कर रहा है। आंकड़ों की तरफ नज़र डालें तो महज़ एक वर्ष में मक्का के आयात में भारी इज़ाफ़ा देखने को मिला है। 2019 में भारत ने 3 लाख 12 हज़ार 389 टन मक्का आयात किया जबकि इसके पिछले साल 2018 में भारत ने महज़ 30 हज़ार 962 टन मक्का आयात किया था। यानि एक साल में ही दस गुना ज्‍यादा मक्‍का आयात करना पड़ा है।

मक्के का आयात किसानों के लिए मुश्किलें खड़ी कर देगा

विशेषज्ञों के अनुसार मक्का का इतने कम शुल्क पर आयात मक्का की खेती करने वाले किसानों को परेशानी में डालने वाला निर्णय साबित होगा। देश भर में मक्का किसान पहले ही मक्के पर न्यूनतम समर्थन मूल्य प्राप्त करने के लिए तरस रहे हैं।  कमीशन फॉर एग्रीकल्चर कॉस्ट एंड प्राइसेस के मुताबिक एक क्विंटल मक्का पैदा करने की लागत 1,213 रुपए आती है। अभी इसका न्यूनतम समर्थन मूल्य 1,850 रुपये है लेकिन अभी मध्यप्रदेश में मक्का 900-1000 रुपए क्विंटल बिक रहा है। किसानों को 850-950 रुपये प्रति क्विंटल का घाटा हो रहा है। किसान मान रहे हैं कि आयात करने से भी देश में मक्‍का के रेट अचानक गिरे हैं। ऐसे में सरकार द्वारा इतने कम शुल्क पर मक्‍का आयात करने से मक्का के किसानों को और नुकसान होना तय है।

दूध और क्रीम पर भी घटाया आयात शुल्क

सरकार ने मक्का के आयात पर शुल्क तो कम किया ही है इसके साथ ही सरकार अब दूध और क्रीम पाउडर भी विदेशों से महज़ 15 फीसदी के आयात शुल्क पर आयात करेगी। भारत सरकार ने सरसों के तेल और सूर्यमुखी के तेल का आयात क्रमशः 45 और 50 फीसदी के शुल्‍क पर करने का फैसला किया है। इससे पहले सरसों और सूर्यमुखी के तेल का आयात 35 फीसदी के शुल्क पर किया गया था। गौरतलब है कि भारत सरसों के तेल का सबसे ज्‍यादा आयात कनाडा से करता है। वहीं भारत सूरजमुखी के तेल का आयात युक्रेन और रूस जैसे देशों से करता है।