ट्रंप की धमकी से शेयर बाजार में कोहराम, सेंसेक्स 1600 अंक तक लुढ़का, निफ्टी भी धड़ाम

मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध के खतरों और कच्चे तेल की कीमतों में आए अचानक उछाल ने भारतीय बाजार के सेंटीमेंट को पूरी तरह बिगाड़ दिया है।

Updated: Apr 13, 2026, 12:31 PM IST

अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता में प्रगति न होने के बाद कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच सोमवार को घरेलू शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी गई।बीएसई का सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 2.16 प्रतिशत या 1,675 अंक गिरकर 75,874.85 के इंट्रा-डे निचले स्तर तक पहुंच गया। वहीं, एनएसई का निफ्टी 50 करीब 500 अंक या 2.05 प्रतिशत टूटकर 23,555 पर कारोबार करता दिखा।

बैंकिंग, वित्तीय, रियल्टी, ऑटो और एनर्जी सेक्टर के शेयरों में बिकवाली का दबाव रहा। Eicher Motors, Maruti Suzuki, Shriram Finance, Bajaj Finance और HDFC Bank प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहे। सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में कारोबार करते दिखे। श्रेणी के हिसाब से स्मॉलकैप शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट रही। निफ्टी स्मॉलकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 250 दोनों करीब 2 प्रतिशत तक नीचे रहे। मिडकैप और लार्जकैप शेयरों में भी गिरावट देखने को मिली।

दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता फेल होने और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी की धमकी के बाद ग्लोबल मार्केट में डर का माहौल है। ईरान के साथ शांति वार्ता फेल होने के बाद अमेरिकी नौसेना ने ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी करने की तैयारी कर ली है। ऐसे में ब्रेंट क्रूड एक बार फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है। ये आज 7% से ज्यादा चढ़कर 102 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है।

विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) अप्रैल में अब तक 48,213 करोड़ रुपए की शेयर बेच चुके हैं, जो बाजार के लिए चिंता का विषय है। हालांकि शुक्रवार को उन्होंने 672 करोड़ रुपए की शुद्ध खरीदारी की थी। दूसरी ओर, रुपए की स्थिति भी नाजुक बनी हुई है। जानकारों का कहना है कि डॉलर के मुकाबले रुपया आने वाले दिनों में 93.50 से 94 के स्तर तक गिर सकता है।