रीवा में जैन साध्वियों की मौत पर आक्रोश, संत सुरक्षा नीति की मांग को लेकर देशभर में प्रदर्शन
रीवा में दो जैन साध्वियों की मौत के बाद भारी बवाल है। सीसीटीवी फुटेज देखकर जैन समाज इसे सुनियोजित साजिश बता रहा है। देशभर में विरोध प्रदर्शन कर उच्चस्तरीय जांच और संत सुरक्षा नीति की मांग की गई।
रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा में दो जैन साध्वियों की सड़क हादसे में मौत के बाद जैन समाज में व्यापक आक्रोश देखने को मिल रहा है। सोमवार को मध्य प्रदेश समेत देश के कई शहरों में समाज के लोगों ने मौन जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया और राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई। समाज का आरोप है कि यह केवल सड़क दुर्घटना नहीं बल्कि सुनियोजित साजिश भी हो सकती है। इसलिए मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए।
यह घटना बीते 20 मई को रीवा कलेक्ट्रेट के सामने हुई थी। सड़क किनारे पैदल विहार कर रही तीन जैन साध्वियों को एक तेज रफ्तार कार ने पीछे से टक्कर मार दी थी। हादसे में पूज्य श्रुतमति माताजी और उपशममति माताजी का समाधिमरण हो गया था। जबकि, एक अन्य आर्यिका माताजी गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज जारी है। घटना के बाद सामने आए सीसीटीवी फुटेज ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है। वीडियो में कार सड़क किनारे चल रही साध्वियों को पीछे से टक्कर मारते दिखाई दे रही है।
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घटना के विरोध में विदिशा, गुना, मैहर, अमरपाटन, खातेगांव, मंडला और इंदौर सहित कई शहरों में हजारों लोग सड़कों पर उतरे। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने हाथों में तख्तियां ली और काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने संतों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर संत सुरक्षा नीति लागू करने, विहार मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और मामले की एसआईटी या न्यायिक जांच कराने की मांग की।
इंदौर में जैन समाज के लोग सुबह करीब 8 बजे कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर शिवम वर्मा से स्वयं नीचे आकर ज्ञापन लेने की मांग करने लगे। कलेक्टर ने कुछ प्रतिनिधियों को ऊपर आकर ज्ञापन सौंपने के लिए कहा लेकिन समाजजन अपनी मांग पर अड़े रहे। इसके बाद लोगों ने जमीन पर बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी।
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मंडला में जैन समाज ने पड़ाव स्थित जैन मंदिर से कलेक्टर कार्यालय तक मौन रैली निकाली। इस दौरान महिलाओं और पुरुषों ने हाथों पर काली पट्टियां बांध रखी थी। रैली में समाज के लोगों के साथ भाजपा नेताओं और अन्य सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। रीवा में डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल जैन धर्मशाला पहुंचे और समाज के लोगों तथा संतों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि कार जानबूझकर चढ़ाई गई है।
छतरपुर जिले के बड़ामलहरा में भी जैन समाज ने विहाररत साधु संतों की सुरक्षा को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। श्री दिगंबर जैन पंचायत मंदिर, राष्ट्रीय जिनशासन एकता संघ और द्रोणगिरि जी ट्रस्ट समेत कई धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों ने पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच, दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और देशभर में विहाररत संतों की सुरक्षा के लिए विशेष नीति लागू करने की मांग की गई।
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समाज की ओर से यह भी मांग रखी गई कि मामले से जुड़े सीसीटीवी और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए और यदि जांच में साजिश या गंभीर लापरवाही सामने आती है तो आरोपियों पर सख्त धाराओं में कार्रवाई की जाए। साथ ही संत सिक्योरिटी कोऑर्डिनेशन सेल के गठन, संवेदनशील विहार मार्गों पर पुलिस समन्वय और विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। जैन समाज ने कहा कि वह हमेशा शांति और अहिंसा के मार्ग पर चलता है लेकिन संतों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में सरकार को ठोस कदम उठाने होंगे। समाज ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशभर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
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