टेरर फंडिंग मामले में हाफिज सईद को 31 साल की सज़ा, आतंकवाद रोधी अदालत ने सुनाया फैसला

हाफिज सईद को सज़ा सुनाने के साथ साथ उस पर 3.40 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है, इसके साथ ही सईद की संपत्ति ज़ब्त करने के निर्देश भी दिए गए हैं

Updated: Apr 08, 2022, 06:50 PM IST

टेरर फंडिंग मामले में हाफिज सईद को 31 साल की सज़ा, आतंकवाद रोधी अदालत ने सुनाया फैसला
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नई दिल्ली। जमात उद दावा के प्रमुख हाफिज सईद को 31 साल की सज़ा सुनाई गई है। सईद को यह सजा टेरर फंडिंग मामले में सुनाई गई है। पाकिस्तान की आतंकवादी रोधी अदालत ने हाफिज सईद को सजा सुनाने के साथ साथ उसके ऊपर जुर्माना भी लगाया है। 

हाफिज सईद के ऊपर 3.40 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा उसकी संपत्ति जब्त करने के निर्देश भी दिए गए हैं। हाफिज सईद मुंबई हमले के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक है।

हाफिज सईद आतंकवादी संगठन लश्कर ए तैयबा का प्रमुख भी रहा है। हाफिज सईद पर पहले भी टेरर फंडिंग और आतंकी गतिविधियों में शामिल रहने के मामले में केस दर्ज किए जा चुके हैं। 

हाफिज सईद को सजा ऐसे वक्त में सुनाई गई है, जब पाकिस्तान में सियासी उथल पुथल मची हुई है। पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के डिप्टी स्पीकर के अविश्वास प्रस्ताव को खारिज करने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। 9 अप्रैल को पाकिस्तान में अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग होनी है। जिसके बाद पाकिस्तान की सियासी तस्वीर साफ़ हो पाएगी।