इमरान खान नहीं लड़ सकेंगे चुनाव, पाक के पूर्व पीएम को चुनाव आयोग ने अयोग्य घोषित किया

चुनाव आयोग ने कहा कि इमरान की संसद सदस्यता भी रद्द हो गई है। आयोग के इस फैसले के बाद इमरान अगले 5 साल तक चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।

Updated: Oct 21, 2022, 04:27 PM IST

इमरान खान नहीं लड़ सकेंगे चुनाव, पाक के पूर्व पीएम को चुनाव आयोग ने अयोग्य घोषित किया

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को चुनाव आयोग से बड़ा झटका लगा है।चुनाव आयोग ने संपत्ति छिपाने के आरोप में शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को अयोग्य घोषित कर दिया। आयोग के इस फैसले के बाद अब इमरान खान पांच साल तक चुनाव नहीं लड़ सकते हैं। साथ ही उनकी सांसद की सदस्यता भी चली गई है।

दरअसल, इमरान पर पीएम रहते मिले तोहफ़े से जुड़ी जानकारी छुपाने और कुछ तोशखाना से निकाल कर बेचने का आरोप लगा था। इमरान पर आरोप था कि उन्होंने तोशखाना में जमा गिफ्ट्स को सस्ते में खरीदा और ज्यादा दामों में बेच दिया। चुनाव आयोग के सामने सत्ताधारी पाकिस्तानी डेमोक्रेटिक मूवमेंट ने तोशखाना गिफ्ट मामला उठाया था। कहा था कि इमरान ने अपने कार्यकाल के दौरान विभिन्न देशों से मिले गिफ्ट को बेच दिया था। 

इमरान ने चुनाव आयोग को बताया था कि उन्होंने तोशखाने से इन सभी गिफ्ट्स को 2.15 करोड़ रुपए में खरीदा था। इन्हें बेचकर उन्हें करीब 5.8 करोड़ रुपए मिले थे। जिन तोहफों को इमरान ने बेचा था उनमें एक बेशकीमती घड़ी, कफलिंक का एक जोड़ा, एक महंगा पेन, एक अंगूठी और चार रोलेक्स वाॅच शामिल है। 

पाकिस्तान की मशहूर पत्रकार आलिया शाह के मुताबिक- पाकिस्तान में प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति या दूसरे पद पर रहने वालों को लोगों मिले तोहफों की जानकारी नेशनल आर्काइव को देनी होती है। इन्हें तोशाखाना में जमा कराना होता है। अगर तोहफा 10 हजार पाकिस्तानी रुपए की कीमत वाला होता है तो बिना कोई पैसा चुकाए इसे संबंधित व्यक्ति रख सकता है।

10 हजार से ज्यादा है तो 20% कीमत देकर गिफ्ट अपने पास रखा जा सकता है। अगर 4 लाख से ज्यादा का गिफ्ट है तो इसे सिर्फ वजीर-ए-आजम (प्रधानमंत्री) या सदर-ए-रियासत (राष्ट्रपति) ही खरीद सकता है। अगर कोई नहीं खरीदता तो नीलामी होगी।

मामले पर इमरान सरकार में मंत्री रहे फवाद चौधरी ने कहा है कि उनकी पार्टी PTI चुनाव आयोग के इस फैसले का विरोध करेगी। और इसके खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेगी। पाकिस्तान में तोशखाना 1974 में बना था। यह ऐसा विभाग है जिसमें प्रधानमंत्री, ब्यूरोक्रेट्स और राष्ट्रपति को देश-विदेशों से मिले तोहफे रखे जाते हैं।