ईरानी सेना हथियार डाल दे नहीं तो तबाही के लिए तैयार रहे, जंग के बीच राष्ट्रपति ट्रंप की धमकी

ईरानी सेना ने कहा है कि अमेरिका और इजराइल के हमलों के जवाब में उसने इजराइल की ओर मिसाइल और ड्रोन दागे हैं।

Updated: Feb 28, 2026, 03:11 PM IST

अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने साफ कह दिया है कि वह ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु ताकत नहीं बनने देंगे। ईरान पर इजरायल के हमले के बाद ट्रंप ने कहा कि कुछ समय पहले अमेरिका की सेना ने ईरान में बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू किया। हमारा उद्देश्य ईरानी शासन से उत्पन्न होने वाले खतरों को समाप्त करके अमेरिकी जनता की रक्षा करना है।

ट्रंप ने आगे कहा कि ईरान क्रूर और बेहद निर्मम लोगों का एक समूह है। इसकी खतरनाक गतिविधियां सीधे तौर पर अमेरिका, हमारे सैनिकों, विदेशों में स्थित हमारे सैन्य अड्डों और दुनिया भर में हमारे सहयोगियों के लिए खतरा हैं। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान में बड़ा लडाकू अभियान शुरू किया है। ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को विकसित करना जारी रखा और उसकी योजना अमेरिका तक पहुंचने वाली मिसाइलें बनाना।

ट्रम्प ने इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स से कहा है कि वे आत्मसमर्पण कर दें। उन्होंने वादा किया कि ऐसा करने पर उन्हें पूरी माफी दी जाएगी। हालांकि अभी जो कार्रवाई चल रही है, वह ज्यादातर हवाई हमलों की है। जमीन पर ऐसी कोई स्थिति नहीं है, जहां वे जाकर औपचारिक रूप से आत्मसमर्पण कर सकें।

ईरान ने इजराइली हमले के जवाब में मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी बेस पर हमला करना शुरू कर दिया है। कतर और बहरीन के बाद ईरान ने UAE में अमेरिकी मिलिट्री बेस पर हमला किया है। UAE में अमेरिकी मिलिट्री बेस का नाम अल दाफ्रा एयर बेस है। 

उधर, यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोही ने फिर से मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू करने का फैसला किया है। उनका टारगेट समुद्री रास्तों और इजराइल पर हमला करना है। सीनियर हूती नेताओं ने बताया कि पहला हमला आज रात हो सकता है। हूती विद्रोहियों ने पहले रेड सी में जहाजों पर हमले और इजरायल पर हमले रोक दिए थे, जब ट्रम्प प्रशासन के साथ समझौता हुआ था। 

बता दें कि मिडिल ईस्ट में अभी अमेरिकी सैन्य मौजूदगी काफी मजबूत है। मिडिल ईस्ट और पर्शियन गल्फ में लगभग 30,000 से 40,000 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। फिलहाल मिडिल ईस्ट में करीब 6 नौसैनिक जहाज मौजूद हैं, जिनमें 3 गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर शामिल हैं, जो बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस और अन्य ऑपरेशन के लिए सक्षम हैं। सुरक्षा कारणों से मिडिल ईस्ट में कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गई हैं और कई देशों ने अपने एयस्पेस को बंद कर दिया है।