जल्द आएगी निडिल फ्री कोविड 19 वैक्सीन, पैच दिलाएगा सुई से होने वाले दर्द से मुक्ति

ऑस्ट्रेलियाई कंपनी द्वारा तैयार कोरोना वैक्सीन के पैच पर 5 हजार माइक्रोस्कोपिक स्पाइक्स दर्द का एहसास नहीं होने देंगे, अप्रैल 2022 में कोरोना वैक्सीन के पैच मिलने की उम्मीद, इन्हें स्टोर करने के लिए कोल्ड चेन की जरूरत नहीं

Updated: Oct 30, 2021, 06:06 PM IST

जल्द आएगी निडिल फ्री कोविड 19 वैक्सीन, पैच दिलाएगा सुई से होने वाले दर्द से मुक्ति
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भारत में 100 करोड़ से ज्यादा लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगाई जा चुकी है। यह वैक्सीन इंजेक्शन के माध्यम से लगाई गई है। अभी भी बड़ी संख्या में लोग हैं जो सुई के डर की वजह से वैक्सीन का डोज लेने से बच रहे हैं। अगर आप भी सुई से डरते हैं तो यह खबर आपके काम की है। जल्द ही बाजार में वैक्सीन पैच आने वाला है। माना जा रहा है कि भविष्य में पैच के माध्यम से वैक्सीनेशन किया जा सकेगा। जल्द ही कोरोना वैक्सीन के पैच बाजार में आने वाले हैं। इस पैच पर ड्राय कोरोना वैक्सीन कम से कम 30 दिनों के लिए रखी जा सकती है। इसके लिए 25 डिग्री सेल्सियस और एक हफ्ते के लिए 40 डिग्री सेल्सियस रखा जा सकेगा। इसके एक वर्ग सेंटीमीटर में 5,000 से अधिक सूक्ष्म स्पाइक्स के साथ होते हैं। वे इतने बारीक होते हैं कि दर्द का एहसास नहीं होता।

यह निडिल फ्री कोविड वैक्सीन उन बच्चों के लिए सुविधा जनक होगी जिन्हें सिरिंज फोबिया है। इस वैक्सनी पैच को रखने के लिए टेंपरेचर मेंटेन करने की जरूरत नहीं है। अब बिना कोल्ड-चेन के 25 डिग्री सेल्सियस में भी टीका रखा जा सकेगा। इस कोविड वैक्सीन के पैच को चूहों पर टेस्ट किया जा चुका है। यह एक हॉकी पक जैसा दिखने वाले एप्लीकेटर के साथ क्लिक किया जाता है। इसे लगाने पर स्किन नें नॉर्मल सा झटका महसूस होता है।

यह वैक्सीन पैच स्वास्थ्यकर्मियों की कमी से जूझने वाले विकासशील देशों में मददगार होगी क्योंकि इसे लगाने के लिए नर्सों की जरूरत नहीं होगी। इसे आसानी से खुद भी यूज किया जा सकता है।  ऑस्ट्रेलियाई कंपनी वैक्सेस (Vaxxas) ने रिसर्च में उपयोग हुए कोरोना पैच तैयार किए हैं। चूहों के बाद अब इसके ह्युमन ट्रायल की योजना है। जो कि अप्रैल तक पूरा हो सकता है। वहीं वैक्सीन पैच बनाने का काम दो अन्य अमेरिकी कंपनियों द्वारा भी किया जा रहा है।

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वैक्सीन कंपनी के सीईओ का दावा है कि वे एक मौसमी कोविड और फ्लू संयोजन उत्पाद पर काम कर रहे हैं। जिसे मरीजों के घरों तक सीधे भेजा जा सकेगा। वे अन्य दवाओ की तरह इसे खुद यूज कर सकेगें।

विशेषज्ञों की मानें तो हाथ में सुई की अपेक्षा वैक्सीन पैच 10 गुना ज्यादा तेजी से इम्यून रिस्पॉन्स देगा है। पैच के जरिए वैक्सीन शरीर में पहुंचने पर टी-सेल्स और एंटीबॉडी का रिस्पॉन्स हाथों में इंजेक्शन की अपेक्षा ज्यादा तेजी से होगा।

स्किन की इम्यून सेल्स तक पैच से सीधे वैक्सीन पहुंचाई जा सकती है। यह एक सबसे बेहतर स्थिति मानी जा रही है। वैक्सीन ट्रायल के दौरान पैच की मदद से चूहों को वैक्सीन लगाई और जिसमें एंटीबॉडी का रिस्पॉन्स काफी तेज था।

बताया जा रहा है कि कोविड वैक्सीन के पैच में 3डी प्रिंटेड माइक्रोनिडिल लगी हैं, जो कि स्किन पर वैक्सीन का पैच रखते ही काम करने लगता है, ये निडिल इतनी बारीक होती है कि स्किन पर दर्द का एहसास ही नहीं होता। इससे दवा भी सीधे शरीर में प्रवेश कर जाती है। वहीं सामान्य सुई से होने वाले दर्द से काफी कम रहता है। माना जा रहा है कि अप्रैल 2022 के बाद से लोगों को यह मिलने लगेगी। बच्चों के वैक्सिनेशन में इससे काफी मदद मिल सकती है, क्योंकि निडिल से बच्चों को टीका लगाना किसी जंग जीतने जैसा ही होगा। दरअसल विदेशों की तर्ज पर भारत में भी बच्चों के वैक्सीनेशन को मंजूरी मिल गई है। भारत बायोटेक और ICMR द्वारा तैयार कोवैक्सीन 2 से 18 साल के बच्चों को देने की परमीशन दे दी गई है। इसके लिए अभी गाइडलाइन जारी होने का इंतजार है।