रायसेन में 50 एकड़ खेत में लगी भीषण आग, 11 किसानों की गेहूं की फसल हुई खाक
रायसेन में अचानक लगी भीषण आग ने 50 एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल जलाकर राख कर दी। तेज हवाओं से आग तेजी से फैली जिससे 11 किसान प्रभावित हुए।
रायसेन। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में बुधवार दोपहर अचानक लगी भीषण आग ने खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को चंद मिनटों में राख में बदल दिया। आग की चपेट में करीब 50 एकड़ क्षेत्र आ गया। जिसकी वजह से 11 किसानों की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई। आग इतनी तेजी से फैली कि किसानों को संभलने या फसल बचाने का मौका तक नहीं मिल सका।
घटना दोपहर के समय हुई जब खेतों में खड़ी सूखी गेहूं की फसल ने आग को और तेजी से फैलने में मदद की। तेज हवाओं के कारण आग ने आसपास के खेतों को भी अपनी चपेट में ले लिया। हालात बिगड़ते देख स्थानीय किसानों ने अपनी जान जोखिम में डालकर आग बुझाने की कोशिश की। करीब 25 से अधिक ट्रैक्टरों की मदद से खेतों की मेड़ तोड़कर आग को रोकने का प्रयास किया गया। वहीं, कई किसानों ने पेड़ों की टहनियों और बोरियों से लपटों पर काबू पाने की कोशिश की। इस दौरान एक ट्रैक्टर भी आग की चपेट में आकर जल गया था।
सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और सांची नगर पालिका की दमकल टीम मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया। हालांकि, आग की भयावहता के बीच एक बड़ी चुनौती तब सामने आई जब फायर ब्रिगेड के वाहनों का पानी खत्म हो गया, जिससे राहत कार्य कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
प्रारंभिक जांच में आग लगने के पीछे शॉर्ट सर्किट या खेतों में पड़ी नरवाई को संभावित कारण माना जा रहा है। वहीं, प्रभावित किसानों ने बिजली कंपनी पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और वास्तविक कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
इस अग्निकांड में दीवान सिंह, अवतार सिंह, बदन सिंह, सुरेंद्र पटेल, रामबाबू पटेल, बहादुर सिंह, संदीप ठाकुर, अतर ठाकुर, गोलू ठाकुर, संजू ठाकुर और ओंकार सिंह सहित कई किसानों की फसल पूरी तरह जलकर नष्ट हो गई। कटाई से ठीक पहले हुई इस घटना ने किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया और उनके सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है और राजस्व विभाग ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा तैयार किया है। प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया भी जल्द शुरू किए जाने की संभावना जताई जा रही है।




