शादियों पर भारी पड़ा कोरोना, भोपाल, इंदौर और दतिया में प्रशासन ने शादियों पर लगाई रोक, अप्रैल में परमीशन देने से किया इनकार

मध्यप्रदेश में एक दिन में मिले 12 हजार 895 नए कोरोना मरीज, भोपाल, इंदौर में सबसे ज्यादा मरीज, संक्रमण रोकने के लिए शादियों पर रोक लगाने का आदेश जारी

Updated: Apr 20, 2021, 01:23 PM IST

शादियों पर भारी पड़ा कोरोना, भोपाल, इंदौर और दतिया में प्रशासन ने शादियों पर लगाई रोक, अप्रैल में परमीशन देने से किया इनकार
Photo courtesy: Times of India

भोपाल। प्रदेश में कोरोना का कोहराम जारी है। बीते 24 घंटे में भोपाल में कोरोना के 1,694 नए मामले सामने आए हैं। भोपाल में 26 अप्रैल की सुबह तक लॉकडाउन है। वहीं कलेक्टर अविनाश लावानिया ने एक नया आदेश जारी कर दिया है, जिसके अनुसार इस महीने शादियों की अनुमति नहीं मिलेगी। 22 अप्रैल से शादियों के मुहुर्त की शुरूआत होने जा रही है। इसी के मद्देनजर प्रशासन ने आदेश जारी कर शादियों पर रोक लगा दी है।

कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार बढ़ते कोरोना संक्रमण की वजह से शादी समारोह की परमीशन नहीं जारी की जाएगी। भोपाल कलेक्टर का कहना है कि कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए ऐसा कड़ा कदम उठाया जा रहा है। कलेक्टर ने अपील की है कि जब तक जरूरी न हो, लोग घरों में ही रहें, बाहर न निकलें। कोरोना गाइडलाइन का पालन करें। इस आदेश के पहले तक 50 लोगों की मौजूदगी में शादी समारोह करने की छूट थी।

दरअसल गुरु और शुक्र अस्त होने की वजह से इस साल फरवरी से अप्रैल तक शादियों के मुहूर्त नहीं थे। अब शुक्रोदय के बाद शादियों के मुहूर्त शुरू हो रहे हैं। शुभ मुहूर्तों की शुरूआत 22 अप्रैल से होने जा रही है। अब तक मांगलिक कार्यों पर विराम लगा था। अब गुरु शुक्र के उदय होने के बाद कोरोना का संकट लोगों पर मंडरा रहा है। जिसकी वजह से मांगलिक कार्यों पर प्रशासन ने रोक लगा दी है।

वर्तमान आदेश के अनुसार शादियों पर रोक अप्रैल महीने के लिए है। इस महीने भोपाल और इंदौर में ही हजारों शादियां होने वाली थी। अब लोगों को शादियों की तारीखें आगे बढ़ानी पड़ रही हैं। दरअसल मई में भी 13 दिन शादियों के लिए मुहूर्त हैं। वहीं 9 मुहूर्त जुलाई में भी हैं।  मध्यप्रदेस में कोरोना की रफ्तार बेकाबू हो चली है। बीते 24 घंटों में 12 हजार 895 नए कोरोना मरीजों की पुष्टि हुई है। वहीं सरकारी रिकार्ड के अनुसार 79 मरीजों मौत हुई है। सोमवार को अस्पतालों से 6 हजार 836 मरीजों के ठीक होने पर छुट्टी दी गई है।