Bhopal: हमीदिया में सबसे ज़्यादा कोरोना डेथ रेट

Corona Impact: वीआईपी का चिरायु में इलाज सरकारी हमीदिया अस्पताल से भाग रहे पॉज़िटिव

Updated: Jul 30, 2020 05:36 PM IST

Bhopal: हमीदिया में सबसे ज़्यादा कोरोना डेथ रेट
Photo Courtesy : freepressjournal.in

भोपाल। राजधानी भोपाल के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल हमीदिया हॉस्पिटल में कोरोना से सबसे ज्यादा मौतें हुई हैं। आलम ये है कि डर के मारे अस्पताल से डॉक्टर इस्तीफ़ा रहे हैं और पेशेंट भाग रहे हैं। 23 जुलाई को हमीदिया अस्पताल के कोविड सेंटर में भर्ती कोरोना पॉज़िटिव युवक भाग गया। कमला नगर निवासी युवक को डर था कि उसका इलाज सही नहीं होगा और अगर वह अस्पताल में भर्ती रहता है तो बीमार हो जाएगा। पुलिस ने उसे गिरफ़्तार कर फिर भर्ती करवाया। दूसरी तरफ वेतन और संसाधन नहीं होने के कारण बीते सप्ताह हमीदिया अस्पताल में दो डॉक्टरों के इस्तीफ़ा देने की खबर है। इन अव्यवस्थाओं के बीच खबर है कि कोरोना पॉज़िटिव मरीज़ों में सबसे ज़्यादा मृत्यु भी हमीदिया अस्पताल में ही हो रही है।  हमीदिया अस्पताल में मृत्यु दर अधिक होने पर सरकार ने डीन को कहा है कि व्यवस्था सुधारें अन्यथा एक्शन लिया जाएगा। प्रदेश में कोरोना की स्थिति एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री चौहान ने भोपाल पर विशेष ध्यान देने को कहा। मुख्यमंत्री चौहान ने निर्देश दिए हैं कि प्रभारी अधिकारी अपने-अपने प्रभार के जिलों में कोरोना के संक्रमण की रोकथाम के लिए गाइडलाइंस का सख्ती से पालन सुनिश्चित करवाएं। साथ ही जनता को समस्त सावधानियां बरतने के लिए जागरूक किया जाए। 

 हालाँकि आपातस्थिति होने के कारण डॉक्टरों के इस्तीफ़े स्वीकार नहीं हुए हैं। लेकिन हालात बिगड़ने की आशंका ने सरकार की चिंताएं बढ़ा दी हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान खुद सरकारी की बजाय निजी अस्पताल चिरायु में कोरोना का इलाज करा रहे हैं। मुख्यमंत्री सहित सारे वीआईपी प्राइवेट अस्पताल चिरायु में ही भर्ती हैं। 

चिरायु अस्पताल में इलाज पर उठ रहे सवाल 

भोपाल में गांधी मेडिकल कॉलेज अस्पताल, एम्स समेत कई निजी और सरकारी अस्पतालों के होते हुए कोविड 19 मरीजों के इलाज के लिए चिरायु अस्पताल को चुने जाने पर सवाल उठ रहे हैं। मुख्यमंत्री, मंत्री, अफ़सर सभी इलाज के लिए चिरायु में ही भर्ती किए जा रहे हैं। बीजेपी के वरिष्ठ विधायक अजय विश्नोई ने इस पर सवाल उठाए हैं।

Click Shivraj Singh जी चिरायु जैसे क्यों नहीं बने सरकारी अस्पताल

उन्होंने अपने एक ट्वीट में लिखा है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चिरायु अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना के साथ ही कटाक्ष किया है कि ‘माननीय मुख्यमंत्री जी से अनुरोध है, कि चिरायु अस्पताल में रहते हुए यह भी देखें कि चिरायु में ऐसा क्या है, जो हम नो लिमिट बजट और सतत मॉनिटरिंग के बाद भी प्रदेश के एक भी शासकीय मेडिकल कॉलेज 4 माह में नहीं बना पाए। अजय विश्नोई ने पूछा है कि क्यों मध्य प्रदेश के सभी वीआईपी चिरायु अस्पताल की शरण में जाने मजबूर हैं।'

इससे पहले बीजेपी के कई नेता और मंत्री चिरायु अस्पताल के इलाज पर तारीफों के पुल बांध चुके हैं। इस अस्पताल में मरीजों के स्वस्थ होने का रेट भी काफी सुर्खियों में रहा है।