बीजेपी का इवेंट प्रेम: ऑक्सीजन टैंकर के इंदौर पहुंचते ही प्रचार करने लगे बीजेपी के नेता, लोगों की ज़िंदगियों पर दे दी अपने प्रचार को तरजीह

शनिवार रात ऑक्सीजन का टैंकर जामनगर से इंदौर पहुंचा था, लेकिन भाजपा नेताओं को अपने प्रचार की इतनी सूझी कि उन्हें लोगों की ज़िंदगियों के बदले अपना प्रचार करना ज़्यादा मुनासिब समझा

Updated: Apr 18, 2021, 11:26 AM IST

बीजेपी का इवेंट प्रेम: ऑक्सीजन टैंकर के इंदौर पहुंचते ही प्रचार करने लगे बीजेपी के नेता, लोगों की ज़िंदगियों पर दे दी अपने प्रचार को तरजीह

इंदौर/भोपाल। बीती रात ऑक्सीजन की एक खेप गुजरात के जामनगर से इंदौर पहुंची थी। लेकिन बीजेपी नेताओं को अपने प्रचार की इतनी पड़ी थी कि ऑक्सीजन की किल्लत सी जूझ रही ज़िंदगियों को ताक पर रखने से भी उन्होंने कोई गुरेज नहीं किया। ऑक्सीजन का टैंकर इंदौर में पहुंचे ही बीजेपी के नेता ऑक्सीजन के टैंकर को अपने साथ ले गए और उसकी पूजा अर्चना शुरू कर दी। 

सोशल मीडिया पर ऑक्सीजन के टैंकर का वीडियो भी वायरल हो रहा है। जिसमें भाजपा के नेता ऑक्सीजन के टैंकर के इर्द गिर्द नज़र आ रहे हैं। इवेंट की पूर्ति के लिए भाजपा के नेताओं ने ऑक्सीजन के टैंकर को गुब्बारों से सजा दिया। एक तरफ न जाने कितनी ही ज़िंदगियों को ऑक्सीजन की ज़रूरत है, ऑक्सीजन के लिए लोग तड़प रहे हैं। लेकिन ऐसी विषम परिस्थिति में भी भाजपा नेताओं को अपना इवेंट मैनेजमेंट करना ज़्यादा मुनासिब लगा। इस दौरान इंदौर के सांसद शंकर लालवानी और तुलसी सिलावट खुद मौजूद रहे। 

मध्यप्रदेश कांग्रेस ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर भाजपा के नेताओं के इस रवैए के लिए जमकर लताड़ा है। कांग्रेस ने कहा है, बेशर्मी का इवेंट जारी है,इनके लिये उत्सव, जनता के लिये महामारी है;इंदौर के बीजेपी नेताओं ने ऑक्सीजन टैंकर को भी ग़ुब्बारे से सजाकर फोटो इवेंट बनाया। जब तक बीजेपी नेता फ़ोटो खिंचवाने नहीं पहुँचे टैंकर शहर के बाहर खड़ा रहा।शिवराज जी,इतनी मर गई इंसानियत..?' 

बीजेपी के इस इवेंट पर कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने भी जमकर निशाना साधा है। कांग्रेस नेता ने कहा है, ये नेता नहीं निर्लज्ज हैं,इंदौर में ऑक्सीजन का टैंकर आने का भी राजनैतिक इवेंट!जिस शहर में अंतिम संस्कार हेतु 6-8 घंटों के टोकन,शमशानों/कब्रस्तानों में लाशों की कतारें,वहां निर्लज्जों की फौज कतारबद्ध होकर इवेंट! जरा आका से यह तो पूछिये सालों के बाद भी ऑक्सीजन बाहर से क्यों आया?