BJYM के राष्ट्रीय कार्यकारिणी में MP से एक भी नियुक्ति नहीं, यूथ कांग्रेस बोली- सारे निठल्ले और निष्क्रिय हैं, किसी काम के नहीं

मध्यप्रदेश के दो सीएम रह चुके हैं भाजयुमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष, अब प्रदेश युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं को राष्ट्रीय कार्यकारिणी तक में नहीं किया गया शामिल, यूथ कांग्रेस का करारा तंज- MP BJYM ने की निष्क्रियता की सारी हदें पार

Updated: Jul 15, 2021, 05:02 PM IST

BJYM के राष्ट्रीय कार्यकारिणी में MP से एक भी नियुक्ति नहीं, यूथ कांग्रेस बोली- सारे निठल्ले और निष्क्रिय हैं, किसी काम के नहीं
Photo Courtesy : Rediffmail

भोपाल। भारतीय जनता युवा मोर्चा ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है। हैरानी की बात यह है कि BJYM के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या ने अपनी टीम में मध्यप्रदेश से एक भी नेता को शामिल नहीं किया है। यह पहली बार है जब राष्ट्रीय कार्यकारिणी में मध्यप्रदेश के कार्यकर्ताओं को जगह नहीं मिली हो। खास बात यह है कि मध्यप्रदेश से 4 लोगों के नाम भी भेजे गए थे, लेकिन इनमें से कोई भी तय पैरामीटर पर फिट नहीं हुआ।

BJYM में मध्यप्रदेश के एक भी नेता को जगह नहीं दिए जाने को लेकर कांग्रेस की यूथ विंग युवा कांग्रेस ने करारा तंज कसा है। यूथ कांग्रेस ने एमपी भाजयुमो के कार्यकर्ताओं को निठल्लों का जमात करार देते हुए कहा है कि तेजस्वी सूर्या ने साबित कर दिया कि ये किसी काम के नहीं हैं। मध्यप्रदेश यूथ कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष विवेक त्रिपाठी ने कहा, 'MP BJYM को अब आत्मचिंतन की जरूरत है। हाईकमान ने इस बात पर मुहर लगा दिया है कि वे अब युवा रहे ही नहीं।'

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त्रिपाठी ने आगे कहा कि, 'तेजस्वी सूर्या ने बाइटवीर गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को मुंह दिखाने लायक नहीं छोड़ा है। वे हर दिन यूथ कांग्रेस को कोसते थे, लेकिन अब साफ हो गया कि उनकी पार्टी के युवा मोर्चा ने तो निष्क्रियता की सारी हदें पार कर दी हैं। मध्यप्रदेश के भाजपाइयों को शर्म आनी चाहिए।' मामले पर मध्य प्रदेश भाजयुमों के कार्यकर्ताओं ने बयान देने से इनकार कर दिया।

तेजस्वी सूर्या ने 7 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, 3 महामंत्री और 7 मंत्री सहित कुल 22 पदाधिकारियों की घोषणा की है। इसमें उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा और उत्तराखंड से 1-1 नेता को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है, जबकि महाराष्ट्र से 2 कार्यकर्ताओं को भी इस पद पर लिया गया है। लेकिन एमपी के खाते में कोई भी पद नहीं आया। प्रदेश से पदाधिकारियों की सूची में शामिल करने के लिए चार नाम भी भेजे गए थे, लेकिन तेजस्वी सूर्या ने उन्हें रिजेक्ट कर दिया।

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मध्यप्रदेश में बीजेपी हाईकमान लगातार राजनीति में युवाओं को मौका देने का दावा कर रही है। लेकिन प्रदेश के युवा भाजयुमो को राष्ट्रीय कार्यकारिणी काम के लायक शायद नहीं मानती है। एक भी पद पर जगह न मिल पाना इस बात की तस्दीक करता है। इससे पहले मध्यप्रदेश ने युवा मोर्चा को शिवराज सिंह चौहान, उमा भारती, नरेंद्र सिंह तोमर, कैलाश विजयवर्गीय जैसे नेता दिए हैं जो आज की राजनीति के बड़े नाम बन चुके हैं।

मामले पर बवाल बढ़ने के बाद अब कहा जा रहा है कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी में करीब 6 पद खाली हैं। इसमें मध्यप्रदेश के कार्यकर्ताओं को एडजस्ट किया जाएगा। हालांकि, इसपर यूथ कांग्रेस का कहना है कि यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे मेन पेपर में फेल होने के बाद सप्लीमेंट्री से काम चलाया जा रहा है।