घाटे में विभाग फिर भी मंत्री का बंगला चमकाने में फूंके 60 लाख रुपए, कांग्रेस बोली- इतनी बेशर्मी और निर्लज्जता क्यों

मध्यप्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के सरकारी बंगले की सजावट में खर्च हुए 60 लाख रुपए, घाटे में चल रही हैं बिजली कंपनियां, खर्चे कम करने के बजाए फिजूलखर्ची में जुटे नेता

Updated: Jul 17, 2021, 02:57 PM IST

घाटे में विभाग फिर भी मंत्री का बंगला चमकाने में फूंके 60 लाख रुपए, कांग्रेस बोली- इतनी बेशर्मी और निर्लज्जता क्यों
Photo Courtesy : The Indian Express

भोपाल। मध्यप्रदेश की बिजली कंपनियां करोडों रुपए के घाटे में चल रही हैं, लेकिन उनका घाटा कम होने के बजाए बढ़ता ही जा रहा है। घाटे को कम करने के लिए ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने फिजूलखर्ची पर रोक लगाने की नसीहत दी है। लेकिन तोमर खुद अपने सरकारी बंगले को चमकाने के लिए बिजली कंपनियों के 60 लाख रुपए फूंक दिए।

बिजली के पोल पर बेधड़क चढ़कर सादगी का परिचय देने वाले तोमर के राजधानी भोपाल स्थित सिविल लाइन में बने सरकारी आवास पर मध्य क्षेत्र बिजली कंपनी ने 60 लाख से ज्यादा रुपए कमरों के निर्माण और साज सजावट पर खर्च कर दिए हैं। तोमर ने खुद भी इस बात को स्वीकारा है। हालांकि, उनका तर्क है कि अधिकारियों को बैठने में दिक्कत होती थी इसलिए उन्होंने कमरों का निर्माण करवाया है। यह निर्माण स्थायी होगा और भविष्य में भी इसका इस्तेमाल हो सकेगा।

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ऊर्जा मंत्री के मुताबिक उनके सरकारी आवास में कमरों की कमी थी। साथ ही आमजनों की समस्याओं का हल निकालने के लिए बिजली कंपनियों के पैसे से ही एक कंट्रोल रूम भी बनवाया है। उधर घाटे में चल रही बिजली कंपनियां विद्युत नियामक आयोग को प्रस्ताव देकर बिजली की दरें बढ़ाने की मांग कर रही हैं। हाल ही में पॉवर मैनेजमेंट कंपनी ने 2,629 करोड़ रुपए का घाटा दिखाया था और भरपाई के लिए बिजली की दरों में 6.23 फीसदी वृद्धि की मांग नियामक आयोग से की थी।

यानी स्पष्ट है कि बंगले में खर्चे की रकम भी आम लोगों के बिजली बिलों से ही वसूला जाएगा। मामले पर कांग्रेस ने राज्य सरकार को निशाने पर लिया है। मध्यप्रदेश कांग्रेस ने ट्वीट कर कहा है कि, 'शिवराज जी, महामारी में इतनी बेशर्मी और निर्लज्जता क्यों?'