झोपड़ी में सो रहे तीन लोगों को हाथियों ने कुचला, दादा दादी और पोते की मौत

अनूपपुर के कोतमा में हाथियों ने मचाया आतंक, एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत, खेत में घर बनाकर रह रहा था परिवार, मुख्यमंत्री ने जताया हादसे पर दुख

Updated: Aug 26, 2021, 03:33 PM IST

झोपड़ी में सो रहे तीन लोगों को हाथियों ने कुचला, दादा दादी और पोते की मौत
Photo Courtesy: Bhaskar

अनूपपुर। छत्तीसगढ़ सीमा से लगे अनूपपुर में जंगली हाथियों ने तीन लोगों की जान लेली। बिजुरी वन परिक्षेत्र के बेलगांव के पछराटोला में हाथियों ने दादा-दादी और पोते को कुचल दिया। जिससे मौके पर ही तीनों की मौत हो गई।इस घटना के बाद इलाके में दशहत का माहौल है। दरअसल गया प्रसाद केवट खेत में घर बनाकर रहता था। बुधवार देर रात करीब 12 बजे हाथियों ने कच्चे मकानों पर हमला बोल दिया कोई कुछ कर पाता उससे पहले ही हाथियों ने तीनों को मार डाला। मृतकों की पहचान 55 वर्षीय गया प्रसाद केवट, 52 वर्षीय मुन्नीबाई बाई केवट और 4 वर्षीय राजकुमार के रुप में हुई है।

राजकुमार मृतक दंपति का पोता था। बताया जा रहा है कि दादी पोते के साथ गांव वाले घर में थी, तभी पोते ने दादा के पास जाने की जिद की, जिसे लेकर दादी रात में ही खेत में बने कच्चे मकान में सोने आई थी। लेकिन चंद मिनटों में हाथियों के तांडव ने घर की खुशियां छीन लीं।
हाथियों के आंतक की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने कोतमा विधायक सुनील सराफ भी पहुंचे। वहीं एक ही परिवार के तीन सदस्यों की अकाल मौत पर मुख्यमंत्री ने दुख जताया है।

 

 मीडिया रिपोर्ट्स का दावा है कि इस इलाके में कई दिनों से 6-7 जंगली हाथियों का दल घूम रहा है। लेकिन ग्रामीणों को इसकी खबर देने के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई थी। वन विभाग के जिम्मेदार अफसरों का दावा है कि हाथियों का झुंड छत्तीसगढ़ के केल्हारी की ओर से आया था।