खड़गे वैसा परिवर्तन नहीं ला सकते, जैसा मैं सोचता हूं: भोपाल में भव्य स्वागत से गदगद दिखे शशि थरूर

भोपाल में मीडिया को संबोधित करते हुए शशि थरूर ने कहा कि, 'मेरा स्वागत जैसा MP में हुआ, वैसा कहीं नहीं हुआ। - मैं परिवर्तन का उम्मीदवार हूं और खड़गे नेतृत्व के नेता हैं।

Updated: Oct 14, 2022, 03:38 PM IST

खड़गे वैसा परिवर्तन नहीं ला सकते, जैसा मैं सोचता हूं: भोपाल में भव्य स्वागत से गदगद दिखे शशि थरूर

भोपाल। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर मध्य प्रदेश में सियासी सरगर्मियां तेज है। अध्यक्ष पद के दूसरे उम्मीदवार शशि थरूर शुक्रवार को भोपाल पहुंचे। यहां उन्होंने मध्य प्रदेश के 502 डेलीगेट्स से अपने पक्ष में मतदान करने की अपील की। थरूर ने इस दौरान कहा कि मैं परिवर्तन का उम्मीदवार हूं। और परिवर्तन के लिए ही कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव में खड़ा हूं।

कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान थरूर ने कहा कि, ' मैं परिवर्तन का उम्मीदवार हूं और खड़गे नेतृत्व के नेता। खड़गे वैसा परिवर्तन नहीं ला सकते जैसा मैं सोचता हूं। परिवर्तन कांग्रेस पार्टी और देश दोनों के लिए जरूरी है। पिछले दो चुनाव हम इसलिए हारे, क्योंकि पार्टी का नेतृत्व कमजोर था। 2014 और इसके बाद हुए 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को 19% वोट मिले। इस हालत में हम कब तक रहेंगे? 

थरूर ने आगे कहा कि, 'अगर नेतृत्व सक्षम होता तो हम चुनाव हारते ही क्यों। इसका एक ही इलाज है कि हमें जनता को दिखाना होगा कि कांग्रेस पार्टी दोबारा आकर्षित पार्टी बन रही है। यह चुनाव कांग्रेस के भविष्य और मजबूती का है। लोकतंत्र में यह अच्छा उदाहरण है और दूसरे दलों को भी इसे देखना चाहिए। मैं जीतूं या मल्लिकार्जुन खड़गे, जीत कांग्रेस की ही होगी। गांधी परिवार निष्पक्ष है और सभी प्रतिनिधि अपनी अंतरात्मा की आवाज पर मतदान करें।'

भोपाल में हुए भव्य स्वागत से शशि थरूर बेहद प्रसन्न दिखे। उन्होंने कहा कि, 'मेरा स्वागत जैसा MP में हुआ, वैसा कहीं नहीं हुआ। ये सही है कि कई प्रदेश में मेरा स्वागत सही नहीं हुआ। जिस तरह का स्वागत खड़गे जी का हुआ, मेरा नहीं हुआ। लेकिन, जिस तरह का स्वागत मेरा MP में हुआ, उसके लिए मैं कमलनाथ और गोविंद सिंह का आभारी हूं।'

शशि थरूर ने राजस्थान CM अशोक गहलोत द्वारा मल्लिकार्जुन खड़गे के समर्थन में प्रचार करने पर ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इलेक्शन अथॉरिटी के प्रमुख मधुसूदन मिस्त्री को देखना चाहिए कि कहां गलत हो रहा है। इलेक्शन कमीशन का आदेश है कि किसी भी बड़े नेता, अध्यक्ष या चीफ मिनिस्टर को किसी उम्मीदवार का खुला सपोर्ट नहीं करना है। कांग्रेस हाईकमान और इलेक्शन कमीशन को जरूरी एक्शन लेना चाहिए। 

बता दें कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद का चुनाव मलिकार्जुन खडगे और शशि थरूर के बीच हो रहा है। इस चुनाव में यह देखना दिलचस्प होगा कि मध्य प्रदेश के डेलीगेट्स किसके पक्ष में मतदान करते हैं। प्रदेश में कुल 502 मतदाता हैं जो इस चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 15 मनोनीत सदस्य हैं। इसके अलावा 487 प्रतिनिधि वोट डालेंगे। इनमें कांग्रेस के 95 विधायक भी शामिल हैं।