मध्य प्रदेश में रेमेडेसिविर इंजेक्शन को लेकर हाहाकार, सरकार ने कहा आपात स्थिति में ही मिलेगा इंजेक्शन

इंदौर की दवा दुकानों पर रेमडेसिविर इंजेक्शन ख़रीदने के लिए लंबी लंबी क़तार, कलेक्टर ने जारी किया प्रेसक्रिप्शन दिखाकर दवा ख़रीदी का आदेश, सरकार ने कहा इंजेक्शन लिखने के लिए डॉक्टर और अस्पताल ज़िम्मेदार

Updated: Apr 07, 2021, 09:58 PM IST

मध्य प्रदेश में रेमेडेसिविर इंजेक्शन को लेकर हाहाकार, सरकार ने कहा आपात स्थिति में ही मिलेगा इंजेक्शन
Photo courtesy: social media

इंदौर। बीते दो तीन दिनों से इंदौर में कोविड के इलाज में काम आनेवाली जरूरी दवा रेमडेसिविर इंजेक्शन की भारी किल्लत देखने को मिल रही है। दवा दुकानों पर रेमडेसिविर इंजेक्शन खरीदने के लिए लोग लंबी कतारों में खड़े हैं, लेकिन ये इंजेक्शन कहीं उपलब्ध नहीं है। इंदौर में इस दवा को खरीदने के लिए प्रदेश के अलग अलग हिस्सों से भी लोग पहुंच रहे हैं। लेकिन ज्यादातर दुकानों पर मायूसी ही मिल रही है। 

आज सुबह से सोशल मीडिया पर एक तस्वीर घूम रही है, जिसमें लोगों की भीड़ का एक नज़ारा इंदौर के क्वालिटी ड्रग हाउस के बाहर देखने को मिल रहा है। यहाँ पर लोग लाइन लगाकर इंजेक्शन खरीदने के लिए बेसब्री से इंतज़ार तो कर रहे हैं लेकिन दुकान पर इंजेक्शन उपलब्ध ही नहीं है। ड्रग हाउस ने कई लोगों को बुधवार दोपहर 12 बजे तक इंजेक्शन आने की सूचना दी थी, यह सूचना अफवाह की तरह फैली और सभी तीमारदार दुकान के बाहर आकर खड़े हो गए। मगर कतार में घंटों लगने के बाद भी सबको यह इंजेक्शन नसीब नहीं हो रहा है।

मीडिया प्रेम त्याग कर मैदान पकड़ें शिवराज 

इंजेक्शन की कमी के कारण मचे अफरातफरी के माहौल पर कांग्रेस ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर जमकर हमला बोला है। केके मिश्रा ने शिवराज के स्वास्थ्य आग्रह पर हमला बोलते हुए कहा है कि कम से कम अब तो अपना मीडिया प्रेम त्याग कर मैदान पकड़ लीजिए। केके मिश्रा ने दवा दुकान की तस्वीर साझा करते हुए ट्वीट किया, 'शिवराजसिंह जी,कोरोना से इलाज में कारगर रेमडिसिवर इंजेक्शन की कालाबाजारी,भंडारण कौन कर रहे हैं,सरकार को क्या मालूम नहीं?अब सत्याग्रह समाप्त हो गया,मीडिया प्रेम त्याग मैदान पकड़िए,इंजेक्शन को लेकर मरीजों के परिजन कितने परेशान है,देखिये इंदौर के दवा बाजार की हकीकत बयां करती तस्वीर।'  

 

वहीं नरेंद्र सलूजा ने भी मुख्यमंत्री पर हमला बोलते हुआ कहा, 'मुख्यमंत्री जी, आपके सपनों के शहर की ये है दास्ताँ.. कोरोना से जान बचाने वाले इंजेक्शन के लिये मारा-मारी ? कहाँ ग़ायब है इंदौर के भाजपा के तमाम राष्ट्रीय- प्रादेशिक व स्थानीय जनप्रतिनिधि? जनता को लूटते-मरते- भटकते देखकर भी ग़ायब, मौन? जनता के लिये कब सड़कों पर उतरेंगे ?'

 

सरकार ने डॉक्टर और अस्पताल पर डाली जिम्मेदारी 

चौतरफा हाहाकार के बाद राज्य के खाद्य एवं औषधि विभाग ने रेमडेसिविर इंजेक्शन के इस्तेमाल को लेकर केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा तय की गई गाइडलाइन का सख्ती से पालन कराने का आदेश जारी कर दिया है। जिसमें चिकित्सकों से भी कहा गया है कि वह आपातकालीन परिस्थितियों में ही इस इंजेक्शन का इस्तेमाल करें और विधिवत उसका रिकॉर्ड भी रखा जाए और विशेष परिस्थितियों के अलावा मरीजों को अगर ये इंजेक्शन प्रिसक्राइब किया जाता है, तो उसकी जिम्मेदारी चिकित्सक , अस्पताल की होगी।

क्यों है रेमडेसिविर की भारी किल्लत 

 रेमडेसिविर की सबसे ज़्यादा किल्लत इंदौर संभाग में देखने में मिल रही है। यहां कोरोना के सबसे ज़्यादा मामले सामने आ रहे हैं और दवा की किल्लत की वजह से कोरोना मरीज़ों को ठीक से इलाज नहीं मिल पा रहा है। हालांकि इंदौर कलेक्टर ने शहर में इंजेक्शन की कालाबाज़ारी रोकने के लिए महत्वपूर्ण आदेश जारी कर दिए हैं, जिसके तहत अब इंजेक्शन खरीदने वाले व्यक्ति को अपने पहचान पत्र के साथ-साथ कोरोना से संक्रमित मरीज़ की पॉजिटिव रिपोर्ट भी दिखानी होगी।  

कालाबाज़ारी और कोरोना के बढ़ते मामलों के अलावा इंजेक्शन बनाने वाली कंपनियों द्वारा घटाया गया प्रोडक्शन भी इंजेक्शन की किल्लत का एक बड़ा कारण बताया जा रहा है। दरअसल बीच में कोरोना की रफ्तार धीमी पड़ने पर कंपनियों ने इंजेक्शन का प्रोडक्शन भी घटा दिया था। अब अचानक हुए कोविड विस्फोट से इंजेक्शन बनाने वाली कंपनियों पर ज़्यादा से ज़्यादा प्रोडक्शन का दबाव बन गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनियों ने 3 अप्रैल से एक बार फिर इंजेक्शन का 24 घंटे प्रोडक्शन करना शुरू कर दिया है।