किडनैपिंग से कांपी दिल्ली, हर दिन गायब हो रहे 27 लोग, जनवरी में 800 से ज्यादा लोग हुए लापता
दिल्ली में 2026 के पहले 27 दिनों में 807 लोग लापता हुए हैं। इनमें 191 बच्चे शामिल हैं। औसतन हर रोज 27 लोग गायब हुए हैं।
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में साल 2026 की शुरुआत के साथ ही लापता लोगों के मामलों ने गंभीर चिंता खड़ी कर दी है। दिल्ली पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, 1 जनवरी से 27 जनवरी के बीच राजधानी से कुल 807 लोग लापता हो चुके हैं। इनमें से पुलिस 235 लोगों को ढूंढने में सफल रही जबकि 572 लोग अब भी लापता हैं। औसतन देखें तो इन 27 दिनों में हर दिन करीब 27 लोग गायब हुए हैं। जबकि, रोजाना सिर्फ नौ लोगों का ही पता चल पाया है।
इन मामलों में बच्चों की संख्या बेहद चिंताजनक है। शुरुआती 27 दिनों में 191 नाबालिगों के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज की गई है। जिनमें से केवल 54 बच्चों को ढूंढा जा सका है। जबकि, 137 बच्चे अब भी लापता हैं। सबसे गंभीर पहलू यह है कि इन लापता बच्चों में 120 लड़कियां हैं जो साफ तौर पर एक तेज जेंडर गैप की ओर इशारा करता है।
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वयस्कों के मामलों में भी तस्वीर बेहतर नहीं है। इस अवधि में 616 वयस्क लापता हुए हैं। पुलिस ने 181 लोगों को ट्रेस किया है जिनमें 90 पुरुष और 91 महिलाएं शामिल हैं। जबकि, 435 वयस्क अब भी लापता हैं।
अगर बच्चों के मामलों को उम्र के हिसाब से देखा जाए तो हालात और ज्यादा परेशान करने वाले नजर आते हैं। 0 से 8 साल की उम्र के 9 बच्चे 2026 के पहले 27 दिनों में लापता हुए थे। इनमें से 3 बच्चों को खोज लिया गया है जबकि 6 की तलाश जारी है। तुलना करें तो साल 2025 में इसी उम्र वर्ग के 368 बच्चे लापता हुए थे जिनमें से 149 को ढूंढा गया था लेकिन 219 बच्चे अब भी नहीं मिले हैं।
8 से 12 साल के आयु वर्ग में 2026 की शुरुआत में 13 बच्चे लापता हुए हैं। इनमें से केवल 3 बच्चों का पता चल सका है जबकि 10 बच्चे अभी भी लापता हैं। सबसे अधिक मामले 12 से 18 साल के किशोरों के हैं। इस आयु वर्ग में 169 बच्चे पहले 27 दिनों में लापता हुए थे। जिनमें से 48 को ट्रेस किया जा चुका है जबकि 121 बच्चे अब भी गायब हैं।
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दिल्ली पुलिस और जोनल इंटीग्रेटेड पुलिस नेटवर्क जैसे प्लेटफॉर्म्स के पुराने आंकड़े बताते हैं कि यह समस्या नई नहीं है। 2015 से 2025 के बीच हजारों लापता मामलों की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। जिनमें से कई आज तक सुलझ नहीं पाए हैं। सिर्फ पिछले 11 सालों में 5,559 बच्चे लापता हुए हैं और इनमें से 695 बच्चे अब भी नहीं मिले हैं।
लंबी अवधि के आंकड़े इस संकट की गंभीरता को और साफ करते हैं। 2016 से 2026 के बीच दिल्ली में 18 साल तक के 60,694 बच्चे लापता हुए हैं। इनमें से 53,763 बच्चों को खोज लिए गए हैं लेकिन 6,931 बच्चे यानी करीब 11 प्रतिशत आज भी लापता हैं।
दिल्ली पुलिस के रिकॉर्ड यह भी दिखाते हैं कि लापता नाबालिगों में 12 से 18 साल की किशोरियों के आंकड़े ज्यादा है। इससे यह आशंका और गहरी होती है कि ये मामले केवल घर से चले जाने तक सीमित नहीं हो सकते बल्कि इनमें तस्करी, अपहरण या अन्य आपराधिक गतिविधियों का जोखिम भी शामिल हो सकता है।
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