बिहार में नए सिरे से विधानसभा चुनाव कराने की मांग, सुप्रीम कोर्ट पहुंचे प्रशांत किशोर

जन सुराज पार्टी का कहना है कि आचार संहिता के दौरान महिलाओं को 10,000 रुपए ट्रांसफर किया गया। पार्टी ने नए चुनाव और फ्रीबीज़ पर सख्त दिशानिर्देशों की मांग की है।

Updated: Feb 05, 2026, 05:48 PM IST

पटना। प्रशांत किशोर के नेतृत्व वाली जन सुराज पार्टी ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को अवैध करार दिया है। प्रशांत किशोर ने फिर से बिहार में चुनाव कराने की मांग की है। इस संबंध में जन सुराज की ओर से सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका दायर की गई है। पार्टी ने मांग की है कि पिछले साल हुए इन चुनावों को रद्द कर राज्य में नए सिरे से मतदान कराया जाए।

जन सुराज का आरोप है कि चुनाव के दौरान जब आचार संहिता (MCC) लागू थी, तब राज्य सरकार ने कथित तौर पर महिला मतदाताओं के खातों में 10,000 रूपए ट्रांसफर किए। याचिका में इसे भ्रष्ट आचरण और वोट खरीदने की कोशिश करार दिया गया है। पार्टी का कहना है कि सत्ता का दुरुपयोग कर चुनावी निष्पक्षता को पूरी तरह खत्म कर दिया गया।

प्रशांत किशोर की पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट से यह भी अनुरोध किया है कि वह चुनाव आयोग (ECI) को ऐसे निर्देश जारी करे, जिससे चुनाव से ठीक पहले घोषित होने वाली 'रेवड़ियों' और लोक-लुभावन कल्याणकारी योजनाओं पर लगाम लगाई जा सके।

बता दें कि पिछले साल हुए बिहार विधानसभा चुनाव में प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज की करारी हार हुई थी। पार्टी ने चुनावी मैदान में कुल 238 उम्मीदवार उतारे थे जिसमें से 236 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। इसका मतलब ये हुआ कि 99.16 फीसदी जन सुराज के उम्मीदवार अपनी जमानत तक नहीं बचा सके। कुल वोट प्रतिशत की बात करें तो जनसुराज का वोट प्रतिशत 2 फीसदी के आसपास ही रहा था।

इस करारी हार के दो महीने बाद अब चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने बिहार विधानसभा चुनाव, 2025 को चुनौती देते हुए राज्य में नए सिरे से चुनाव कराने का अनुरोध करते हुए उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की है। इस मामले की सुनवाई शुक्रवार को प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ के समक्ष होने की संभावना है।