मध्य प्रदेश में नगर निकाय चुनावों का बजा बिगुल, आरक्षण की सूची जारी

महापौर का चुनाव इस बार फिर सीधे मतदाताओं द्वारा किया जाएगा, पार्षदों के वोट से महापौर चुनने के कमलनाथ सरकार के फ़ैसले को शिवराज सरकार ने पलट दिया है

Updated: Dec 11, 2020, 07:18 PM IST

मध्य प्रदेश में नगर निकाय चुनावों का बजा बिगुल, आरक्षण की सूची जारी
Photo Courtesy: Indian Express

भोपाल। मध्य प्रदेश में नगर निकाय चुनाव काफी समय से अटके हुए थे। लेकिन अब प्रदेश में नगर निकाय चुनावों का बिगुल फूंका जा चुका है। प्रदेश में 16 नगर निगमों की महापौर सीट, 99 नगर पालिका और 292 नगर परिषद के अध्यक्ष पद पर चुनाव होने हैं। इन सीटों पर आरक्षण की सूची जारी कर दी गई है। हालांकि अभी नगर निकाय चुनाव की तारीखों का ऐलान नहीं हुआ है। 

हाल ही में संपन्न हुए चुनावों में जीत दर्ज करने वाली बीजेपी के हौसले इस समय बुलंद हैं। तो कांग्रेस भी इन चुनावों में पूरी ज़ोर आजमाइश करेगी। कांग्रेस इन चुनावों को प्रदेश के अगले विधानसभा चुनाव को नज़र में रख कर लड़ेगी। ऐसे में इन चुनावों में दोनों ही दलों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है।

महापौर की आधी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित 

16 में आधे यानी 8 नगर निगमों में महापौर के पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। इनमें भोपाल के महापौर की सीट भी शामिल है। भोपाल महापौर की सीट ओबीसी यानी अन्य पिछड़ा वर्ग की महिला के लिए आरक्षित की गई है। जबकि इंदौर महापौर का पद अनारक्षित है। 

मुरैना (एससी महिला )

उज्जैन (एससी- मुक्त)

छिंदवाड़ा (एसटी मुक्त)

भोपाल (ओबीसी महिला)

खण्डवा (ओबीसी महिला)

सतना (ओबीसी)

रतलाम (ओबीसी)

सागर (महिला सामान्य)

बुराहानपुर (महिला सामान्य)

ग्वालियर (महिला सामान्य)

देवास (महिला सामान्य)

कटनी (महिला सामान्य)

जबलपुर (अनारक्षित और मुक्त)

सिंगरौली (अनारक्षित और मुक्त)

रीवा (अनारक्षित और मुक्त)

इंदौर (अनारक्षित और मुक्त)

पिछले चुनावों में सभी 16 सीटें बीजेपी के खाते में गई थीं। कांग्रेस का खाता तक नहीं खुल पाया था। हालांकि सिंगरौली को छोड़ सभी नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष कांग्रेस का ही था। जबकि सिंगरौली नगर निगम में बीएसपी का नेता प्रतिपक्ष था। 

यहां यह जान लेना जरूरी है कि 1983 से 1999 तक प्रदेश में महापौर का चुनाव पार्षद द्वारा कराया जाता था। लेकिन बाद में इस व्यस्था को बदल कर प्रत्यक्ष चुनावों की व्यव्स्था कर दी गई। हालांकि कमल नाथ सरकार ने 2018-19 में प्रदेश में महापौर का चुनाव पार्षद द्वारा कराए जाने का निर्णय लिया गया। लेकिन जैसे ही शिवराज सरकार एक बार फिर सत्ता में लौटी तो महापौर के चुनाव वापस से प्रत्यक्ष रूप से ही कराए जाने का निर्णय लिया गया और कमल नाथ सरकार के फैसले को पलट दिया गया। 

46 नगर परिषद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित 

46 नगर परिषद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किए गए हैं। जिसमें 23 नगर परिषद अनुसूचित जाति से आने वाली महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।इनमें बड़ागांव, बिलहरा, सुअसरा, मधुसूदनगढ़, लिधौरा खास, खरगापुर, चंदला, शाहगढ़, विरसिंघपुर, ककरहटी, गुन्नौर, पृथ्वीपुर, गोरमी, अमानगंज, इंदरगढ़, मकड़ोन, सांची, जावर, कोठी, बडिगढ़, दबोह, पिपरई और मालनपुर महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।

27 नगर परिषद अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित किए गए हैं। इनमें थांदला, भुआबिछिया, डही, निवास, ओम्कारेश्वर, सरदारपुर, डिंडोरी, पलसूद, डभौरा, गंधवानी, निवाली बुजुर्ग, पेटलावद, कुक्षी और बैहर महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।

ओबीसी वर्ग के लिए 73 नगर परिषद आरक्षित किए गए हैं। जिसमें  37 नगर परिषद ओबीसी महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। इनमें  मानपुर, बेटमा, भीकनगांव, पिपलिया मंडी, बड़ौद, बदनबर, डूमरकछार, पिछोर, ईशागढ, बांदरी, सोहागपुर, खुजनेर, सुरखी, सेमरिया, सिराली, राजगढ़ धार, राहतगढ़, खिलचीपुर, मगरौनी, छपारा, भैसोदा मंडी, ठीकरी, मौ, केवलारी, चांदामेटा, चुरहट, मालथौन, पिपलोदा, धरमपुरी, बरघाट, रौन, धामनोद, फूफकला, नलखेड़ा, वनगंवा राजनगर, शाहपुर बैतूल और जयसिंहनगर शामिल हैं। 

सामान्य वर्ग के लिए 53 नगर पालिकाएं आरक्षित 

सामान्य वर्ग के लिए 53 नगर पालिकाएं हैं। इनमें  सारंगपुर, सिवनी-मालवा, बेगमगंज, टीकमगढ़, नौगांव, पोरसा, अशोकनगर, डोंगर-परासिया, सीहोरा, कोतमा, पसान, सीधी, बड़नगर, गंजबासौदा, नरसिंहगढ़, सिहोर, पीथमपुर, बड़वाह, नरसिंहपुर, सेंधवा, गाडरवारा, अनूपपुर, आगर, शाजापुर, उमरिया, दमोह और खाचरोद शामिल हैं।

जबकि बैतूल, विदिशा, राजगढ़, पिपरिया, गढ़ाकोटा, पन्ना, खरगोन, बालाघाट, नैनपुर, धनपुरी, महिदपुर, शिवपुरी, बैरसिया, मुलताई, देवरी, दतिया, गुना, वारासिवनी, चौरई, सौसर, अमरवाड़ा, करेली, नीमच, अंबाह, मंडीदीप और सुजालपुर महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। 

पिछड़ा, अति पिछड़ा वर्ग आरक्षण ( नगर पालिका )

एसटी महिला - अलीराजपुर, बड़वानी और बिजुरी।

एसटी - झाबुआ, पाली और मलाजखंड। 

ओबीसी महिला - जावरा, छतरपुर, धार, सनावद, नेपानगर, अष्टा, ब्यावरा, हरदा, पांढुर्ना, श्योपुर कला, होशंगाबाद, रायसेन, मंदसौर। 

ओबीसी - सबलगढ, सिरोंज, शहडोल, पनागर, राघोगढ़, जुन्नारदेव, मनावर, मेहर, सिवनी, मंडला, रहली और इटारसी। 

एससी महिला - दमोह, गोहद, सारणी, खुरई, गोटेगांव, नागदा, भिंड।

एससी - मकरोनिया, डबरा, आमला, चंदेरी, बीना, लहार और महाराजपुर।