एमपी विधानसभा का बजट सत्र समय से पहले समाप्त, अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हुई कार्यवाही

26 मार्च से पहले ही विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई, प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर फैसला

Updated: Mar 16, 2021, 06:28 PM IST

एमपी विधानसभा का बजट सत्र समय से पहले समाप्त, अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हुई कार्यवाही
Photo Courtesy: Bhaskar

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई है। विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने प्रदेश में बढ़ते कोरोना संक्रमण और सदन के कई विधायकों और विधानसभा के कर्मचारियों के संक्रमित होने की वजह से सदन की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए समाप्त कर दी है।

प्रदेश में एक बार फिर पैर पसारते कोरोना संक्रमण का असर विधानसभा के बजट सत्र पर साफ तौर पर देखा गया है। इस सत्र के दौरान विधानसभा के चार विधायक कोरोना की चपेट में आए हैं। वहीं विधानसभा सुरक्षा की डिप्टी डायरेक्टर और चार मार्शल समेत 6 कर्मचारी कोरोना संक्रमित मिले हैं। मंगलवार सुबह विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने कार्यमंत्रणा समिति की बैठक की। इस बैठक में विधासभा के बजट सत्र को जल्द खत्म करने का फैसला लिया गया।

पूर्व मंत्री विजयलक्षमी साधो, विधायक निलय डागा, विधायक देवेंद्र वर्मा और अमर सिंह कोविड 19 संक्रमित हो गए थे। इसी के मद्देनजर सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष से संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कोई फैसला लेने की मांग की थी। संसदीय कार्य मंत्री डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा ने विधानसभा अध्यक्ष से कहा था कि सदन के चार विधायक कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। जिसके बाद उनके संपर्क में आए विधायकों का कोरोना टेस्ट करवाया गया है। 

मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 22 फरवरी को शुरू हुआ था। 26 मार्च तक चलने वाला था। लेकिन इसे तय समय से दस दिन पहले समाप्त कर दिया गया है। इस सत्र में राज्य सरकार ने वित्त वर्ष 2021-22 का बजट पेश किया है। इस 33 दिवसीय सत्र के दौरान 23 बैठकें होनी थीं। बजट के अलावा सत्र में कई शासकीय एवं अशासकीय कार्य संपादित हुए।

विधानसभा में कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में बजट सत्र को तय समय से पहले खत्म करने पर सहमति बनी थी। भोपाल समेत प्रदेश में कोरोना संक्रमण बढ़ने और 4 विधायकों सहित, सुरक्षा शाखा की डिप्टी डायरेक्टर, 4 मार्शलों समेत विधानसभा के 6 कर्मचारियों के सांक्रमित होने के बाद सदन की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित करने की मांग उठी थी। सदन में अनुदान मांगों पर चर्चा के बाद वित्त मंत्री ने सदन में इस बारे में प्रस्ताव रखा था।