भाड़े की भीड़ ने दिया CM शिवराज को धोखा, कुर्सियों को विकास कार्यों की जानकारी देकर लौटे मुख्यमंत्री

शनिवार को सागर पहुंचे थे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, सरकारी बसों में भरकर लाई गई थी भीड़, सरकार ने भीड़ बुलाने में नहीं छोड़ी थी कसर, ऐन वक़्त पर भाड़े की भीड़ ने दिया धोखा, सीएम ने किया कुर्सियों को संबोधित

Updated: Dec 12, 2021, 03:15 PM IST

भाड़े की भीड़ ने दिया CM शिवराज को धोखा, कुर्सियों को विकास कार्यों की जानकारी देकर लौटे मुख्यमंत्री
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सागर। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भाड़े की भीड़ ने एक बार फिर धोखा दे दिया। इस बार तो स्थिति ऐसी हुई कि मुख्यमंत्री खाली कुर्सियों को सरकार के विकास कार्यों को जानकारी देकर वापस लौट गए। कांग्रेस ने इसे बीजेपी के अंत का आगाज बताया है। 

दरअसल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शनिवार को एकदिवसीय सागर प्रवास पर गए थे। यहां उन्हें एक जनसभा को संबोधित करना था। बताया जा रहा है कि सीएम की सभा में भीड़ जुटाने की जिम्मेदारी स्थानीय विधायक, मंत्रियों को दी गई थी। लोगों को लाने में बीजेपी नेताओं ने कोई कसर नहीं छोड़ी। सरकारी बसों में भरकर आसपास के विधानसभा क्षेत्र से हजारों लोग लाए गए थे। लोगों को खाने के लिए पूड़ी सब्जी से लेकर अन्य व्यंजनों की व्यवस्था की गई थी और यहां तक दावा किया जा रहा है कि नगदी पैसे भी दिए गए थे। 

सभास्थल पर उम्मीद अनुसार हजारों की संख्या में लोग इकट्ठा भी हुए थे और मैदान पूरा खचाखच भर गया था। लेकिन इस भीड़ ने बीच में ही धोखा दे दिया। दरअसल, तय कार्यक्रम के अनुसार सीएम को सागर दौरे में सबसे पहले सभा स्थल ही पहुंचना था, लेकिन वे इस कार्यक्रम सबसे आखिर में आए। पहले वे बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज और लाख बंजारा झील देखने चले गए। लेकिन सीएम को सुनने जो लोग आए थे वे पूर्व निर्धारित समय पर ही चलते बने। 

सीएम जब सभास्थल पर पहुंचे तो हजारों की भीड़ अब 100 के करीब बची थी। हद्द तो तब हुई जब सीएम का भाषण शुरू होते ही बाकी बचे लोग भी चले गए। इसके बाद मुख्यमंत्री ने खाली कुर्सियों को न केवल सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों का ब्यौरा दिया, बल्कि कांग्रेस की जमकर आलोचना भी की।

सीएम ने कुर्सियों को संबोधित करते हुए कहा कि, 'कांग्रेस ने अपने राज में बुंदेलखंड क्षेत्र की तरक्की के लिए कभी ध्यान ही नहीं दिया। आदरणीय प्रधानमंत्री ने इस क्षेत्र के लिए केन-बेतवा लिंक परियोजना की अनुमति दी है, जिसकी लागत 44 हजार करोड़ से अधिक है। इसके पूरा होने पर 20 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि सिंचित होगी और 62 लाख लोगों को शुद्ध पेयजल मिलेगा। विकास कार्यों के लिए सरकार के पास पैसों की कमी नहीं है।'

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बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब भाड़े की भीड़ से राज्य सरकार को धोखा मिला है। कमोबेश यही स्थिति तब उत्पन्न हुई थी जब अमर शहीद बिरसा मुंडा की जयंती पर पीएम मोदी भोपाल पहुंचे थे। यहां ज्योंहि पीएम ने अपना भाषण शुरू किया कि आदिवासी महिलाओं और युवाओं का जत्था उठकर जाने लगा। सोशल मीडिया पर इसके कई वीडियो वायरल हुए और बीजेपी सरकार की खूब फजीहत भी हुई थी।