प्रदेश के 52 मंडी नाकों को फिर से शुरू करने की तैयारी में है मंडी बोर्ड, 200 करोड़ तक घट गई है मंडियों की आय

नए कृषि कानूनों के बाद से रेंगने लगी हैं मंडियां, मंडियों की आय में आई है 18 फीसदी की कमी, अब इससे निपटने के लिए मंडी बोर्ड फिर से मंडी नाकों को शुरू करने की तैयारी कर रही है

Updated: Aug 15, 2021, 09:50 AM IST

प्रदेश के 52 मंडी नाकों को फिर से शुरू करने की तैयारी में है मंडी बोर्ड, 200 करोड़ तक घट गई है मंडियों की आय

भोपाल। नए कृषि कानूनों के कारण प्रदेश की मंडियों की आय बुरी तरह से प्रभावित हुई है। मंडियों की स्थिति में सुधार लाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार जल्द ही मंडी नाकों को शुरू करने की तैयारी कर रही है। कयासों के मुताबिक शिवराज सरकार इस महीने के अंत तक प्रदेश के 52 मंडी नाकों को एक बार फिर शुरू कर सकती है। 

कृषि विपणन बोर्ड की प्रबंध संचालक प्रियंका दास के हवाले से मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि बोर्ड ने मंडी नाकों को फिर से शुरू करने के लिए कृषि विभाग के अपर मुख्य सचिव को इस संबंध में प्रपोजल भी भेज दिया गया है। जिस पर कृषि विभाग जल्द ही संज्ञान ले सकता है।

नए कृषि कानूनों के लागू होने के बाद मंडियों की आय में भारी कमी आने की बात कही जा रही है। मध्य प्रदेश में संचालित 259 मंडियों और 297 उप मंडियों की आय में लगभग 18 फीसदी की कमी आई है। कृषि कानूनों के बाद से व्यपारियों को मंडी के बाहर उपज खरीदने की छूट मिली है। जिससे मंडियों की आय पर बुरा प्रभाव पड़ा है। यही वजह है कि मंडियों को आर्थिक संकट से उबारने के लिए अब कृषि विपणन बोर्ड एक बार फिर मंडी नाकों को शुरू करने जा रही है। 

मंडी बोर्ड एम्प्लॉय एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष अंगिरा पांडे ने बताया कि पिछले लगभग एक साल से मंडी नाकों के बंद होने के कारण मंडियों में आवक घटी है। व्यापारियों ने मंडी के बाहर किसानों से अनाज खरदीना शुरू कर दिया है। जिसका सीधा असर प्रदेश की मंडियों की आय पर पड़ा है। 

अंगिरा पांडे ने कहा कि मंडी नाकों के शुरू होने से टैक्स चोरी और अवैध व्यापार पर रोक लगाई जा सकेगी। प्रदेश भर की मंडियों में प्रति वर्ष 1200 करोड़ की आय होती है। लेकिन मंडी नाकों के बंद होने से मंडियों की आय में लगभग 200 करोड़ की कमी आई है। अंगिरा पांडे ने बताया कि मंडी कर्मचारियों का पिछले तीन महीने से वेतन भी बकाया है।

बालाघाट मंडी में पदस्थ एक कर्मचारी ने बताया कि मंडी नाकों के बंद होने के कारण व्यापारियों द्वारा टैक्स चोरी के प्रकरण बढ़े हैं। टैक्स चोरी के सबसे ज्यादा मामले जबलपुर संभाग में बढ़े हैं। अगर मंडी नाकों को शुरू कर दिया जाए, तो राज्य सरकार को करोड़ों का राजस्व बढ़ सकता है। मंडी नाकों के शुरू होने से व्यापारियों द्वारा की जा रही टैक्स चोरी पर रोक लग सकेगी। जिससे मंडियों की आय 25 फीसदी तक बढ़ सकेगी। टैक्स चोरी करने वाले व्यापारियों को मंडी शुल्क से पांच गुना अधिक राशि जुर्माने के तौर पर देनी होगी। मंडी कर्मचारी ने बताया कि मंडी नाकों के दोबारा शुरू होने से मंडियों की आय में बढ़ोतरी तो होगी ही लेकिन इससे किसानों को भी लाभ पहुंचेगा। जिससे किसानों को अपनी फसलों की उचित कीमत मिल सकेगी।