कृषि अधिकारी भर्ती परीक्षा में घोटाले के आरोप पर मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश

एमपी पीईबी द्वारा ली गई कृषि विस्तार अधिकारी और वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी प्रतियोगी परीक्षा में बड़ा घोटाला, चंबल क्षेत्र के एक ही कॉलेज के छात्रों ने टॉप टेन लिस्ट में बनाई जगह, शिकायत के बाद मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश

Updated: Mar 05, 2021, 04:55 PM IST

कृषि अधिकारी भर्ती परीक्षा में घोटाले के आरोप पर मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश

भोपाल। मध्यप्रदेश में कृषि विभाग के विभिन्न पदों के लिए हुई परीक्षा में फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। परीक्षा में गड़बड़ी के खुलासे के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। यह परीक्षा प्रोफेशनल एक्जामिनेशन बोर्ड द्वारा 10-11 फरवरी 2021 को करवाई गई थी। जिसमें कृषि विस्तार अधिकारी और वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी पदों पर भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत मिली है। जिसके बाद परीक्षा को स्थगित करने की मांग भी उठने लगी है।

 

दरअसल इस प्रतियोगी परीक्षा के टॉप टेन प्रतिभागियों के मार्क्स समान हैं, सभी ने परीक्षा में एक जैसी गलती भी की है, और तो और सभी एक ही क्षेत्र और जाति के हैं। मामला सामने आने पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने इस गड़बड़ी की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। उनका कहना है कि मामले की जांच होगी, अगर कहीं अनियमितता पाई जाती है तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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इस परीक्षा के टाप टेन में आने वाले सभी उम्मीदवार चंबल इलाके से हैं। सभी ने ग्वालियर के राजकीय कृषि कॉलेज से BSC की डिग्री हासिल की है। टापर्स में से कई उम्मीदवार पढ़ने में कमजोर थे, उन्होंने चार साल की डिग्री 7-8 साल में पूरी की है। फिर भी सभी ने कृषि विस्तार अधिकारी और वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी परीक्षा के टॉप टेन में जगह बनाई है। सभी लोगों को सामान्य ज्ञान वाले सेक्शन में एक बराबर नंबर मिले हैं, और तो और सवालों में की गई गलतियां भी एक जैसी ही निकली हैं। टॉप टेन प्रतिभागियों को मिले नंबर्स को भी एक रिकॉर्ड माना जा रहा है। मनीष शर्मा को 200 में से 194, जितेंद्र शर्मा को 189, निवेश शर्मा को 188 अंक मिले हैं, जोकी अब तक का रिकॉर्ड माना जा रहा है। इन सभी को जनरल नॉलेज के पेपर में एक जैसे नंबर मिले हैं। जबकि मैथ्स और रीजनिंग में कुछ कम ज्यादा मार्क्स मिले हैं। इस परीक्षा में चयनित दस प्रतिभागी चंबल इलाके से है, खबर है कि दस में से नौ लोग समान जाति के हैं।

इस मामले की शिकायत रमेश सिंह तोमर नाम के एक शख्स ने की थी। उनका कहना है कि उम्मीदवारों को जनरल नॉलेज की परीक्षा में पूर्णांक मिले हैं, पर प्रोफेशनल एक्जामिनेशन बोर्ड की ओर से जारी की गई आंसर शीट में तीन प्रश्नों के गलत उत्तर दिए गए थे। गड़बड़ी का अंदेशा तब हुआ जब सभी टॉप टेन उम्मीदवारों ने एक ही सवाल के गलत उत्तर दिए थे। इस परीक्षा में बड़े स्तर पर गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है। माना जा रहा है कि या तो प्रतिभागियों के लिए पेपर आउट किया गया, या फिर उनकी मदद की गई होगी। कृषि विस्तार अधिकारी और वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी परीक्षा को निरस्त करने की मांग की जा रही है। फिलहाल मुख्यमंत्री ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।

पीईबी द्वारा यह परीक्षा 10-11 फरवरी को ली गई थी। जिसकी आंसर की 17 फरवरी को जारी हुई थी। इसी के साथ सलेक्ट हुए उम्मीदवारों की लिस्ट भी सामने आई थी।