मध्य प्रदेश में नगर निकाय चुनाव फिर टला, कोरोना के कारण निर्वाचन आयोग ने लिया फैसला

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक कोविड-19 महामारी को देखते हुए नगरीय निकाय और पंचायत निर्वाचन को अगले तीन माह के लिए स्थगित किया गया है

Updated: Dec 27, 2020, 02:09 AM IST

मध्य प्रदेश में नगर निकाय चुनाव फिर टला, कोरोना के कारण निर्वाचन आयोग ने लिया फैसला

भोपाल। मध्य प्रदेश में नगर निकायों और पंचायतों का चुनाव एक बार फिर से टल गया है। मध्य प्रदेश निर्वाचन आयोग ने आज ही इस बाबत आदेश जारी किया है। इस आदेश में नगर निकाय और पंचायत चुनावों को अगले तीन महीने के लिए स्थगित करने की बात कही गई है। राज्य निर्वाचन आयोग के आदेश में कहा गया है कि यह फैसला कोविड-19 महामारी के मामलो में फिर से हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए लिया गया है। इसी के साथ नए साल के पहले राज्य में आचार संहिता लगने की संभावनाओं पर विराम लग गया है।

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निर्वाचन आयोग ने शनिवार को जारी अपने आदेश में कहा है कि नगर निकायों के चुनाव जो दिसंबर 2020 और जनवरी 2021 तक आयोजित किया जाना था उसे 20 फरवरी के बाद आयोजित किया जाएगा। इसी प्रकार त्रि-स्तरीय पंचायतों के प्रस्तावित आम निर्वाचन जो दिसंबर 2020 से फरवरी 2020 तक आयोजित किया जाना था इन्हें भी माह फरवरी तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।

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आयोग ने बताया है कि राज्य के कुल 407 नगरीय निकायों में से 307 का कार्यकाल 24 सितंबर को ही समाप्त हो गया है, साथ ही 08 नगरीय निकायों का कार्यकाल जनवरी एवं फरवरी-2021 में पूर्ण हो रहा है। इसके अलावा त्रि-स्तरीय पंचायतों में पंच, सरपंच, जनपद सदस्य एवं जिला पंचायत सदस्यों का कार्यकाल मार्च-2020 में ही समाप्त हो चुका है। इन निकायों के साथ नवगठित 29 नगर परिषदों का निर्वाचन भी सम्पन्न कराया जाना है।

क्या हैं संवैधानिक प्रावधान

(1) अनुच्छेद-243E - पचायतों की अवधि-प्रथम अधिवेशन के लिए नियत तारीख से पांच वर्ष तक बनी रहेगी इससे अधिक नहीं।

(2) अनुच्छेद-243U - प्रथम अधिवेशन के लिए नियत तारीख से पांच वर्ष तक बनी रहेगी, इससे अधिक नहीं।

इन प्रावधानों से स्पष्ट हैं कि पांच वर्ष से अधिक का कार्यकाल नहीं हो सकता है। ऐसे में निर्धारित समय पर चुनाव नहीं किये जाने के कारण मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में आयोग के खिलाफ कई याचिकाएं दायर की जा चुकी हैं। कोर्ट ने शिवपुरी का निर्वाचन समय पर न कराने के चलते निर्वाचन आयोग एवं मध्य प्रदेश सरकार के नगरीय आवास एवं विकास विभाग पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।