मुरैना में आग लगने की अफवाह से ट्रेन से कूदे पैसेंजर, दूसरी ट्रेन की चपेट में आने से 4 की मौत

मुरैना में खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में मोबाइल ब्लास्ट की अफवाह फैलने से अफरा-तफरी मच गई। घबराकर ट्रेन से उतरे कुछ यात्री दूसरी पटरी पर पहुंच गए। वहां दूसरी ट्रेन की चपेट में आने से चार लोगों की मौत हो गई।

Updated: Jun 15, 2026, 11:35 AM IST

मुरैना। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में रविवार को एक दर्दनाक रेल हादसे में मां और बेटे समेत चार लोगों की मौत हो गई। घटना उस समय हुई जब खजुराहो उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में मोबाइल ब्लास्ट और आग लगने की अफवाह फैल गई। अफवाह से घबराए कुछ यात्री ट्रेन से उतरकर रेलवे ट्रैक की ओर भागे। जहां वे दूसरी ट्रेन की चपेट में आ गए।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, हादसा उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल अंतर्गत हेतमपुर धौलपुर रेलखंड पर हुआ। गाड़ी संख्या 19665 खजुराहो उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस रविवार शाम करीब 4:15 बजे अलार्म चेन पुलिंग (ACP) के कारण बीच ट्रैक पर रुक गई थी। इसी दौरान एक कोच में मोबाइल फटने और आग लगने की चर्चा फैल गई। जिससे यात्रियों में अफरा तफरी मच गई।

घबराहट में कई यात्री ट्रेन से नीचे उतर गए और पास की अप लाइन की ओर चले गए। इसी दौरान गाड़ी संख्या 20424 फिरोजपुर सिवनी पातालकोट एक्सप्रेस उसी ट्रैक से तेज गति से गुजर रही थी। ट्रैक पर मौजूद चार यात्री उसकी चपेट में आ गए। जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

हादसे में राजस्थान के बीकानेर निवासी 60 वर्षीय बिरमा देवी, उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के रुनकता क्षेत्र की 60 वर्षीय शकुंतला सिंह, आगरा के सुल्तानगंज निवासी 35 वर्षीय आफरीन और उनका चार वर्षीय बेटा असद जान गंवा बैठे। आफरीन और असद मां बेटे थे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अफवाह फैलते ही कोच में दहशत का माहौल बन गया था। बागेश्वर धाम से लौट रही यात्री पूजा ने बताया कि मोबाइल ब्लास्ट की बात सुनते ही यात्री घबरा गए थे। ट्रेन रुकते ही लोग बिना स्थिति की पुष्टि किए नीचे उतरने लगे और कई यात्री ट्रैक की ओर भाग गए।

बीकानेर निवासी हंसराज अपने परिवार के साथ यात्रा कर रहे थे। उन्होंने बताया कि वे बागेश्वर धाम से लौट रहे थे। उनके साथ उनकी मौसी बिरमा देवी और गांव का एक अन्य व्यक्ति भी था। इसी बीच आग लगने की अफवाह फैली और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इस हादसे में उनकी मौसी की मौत हो गई।

घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF), सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और स्थिति को नियंत्रित किया।

मुरैना के पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा ने बताया कि पुलिस की टीमें उस समय अन्य कार्रवाई में व्यस्त थी। तभी एक ग्रामीण चरवाहे से ट्रेन में किसी घटना की सूचना मिली। इसके बाद पुलिस बल को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। उन्होंने बताया कि हादसा धौलपुर और मुरैना की सीमा के निकट हुआ है।

पुलिस ने सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। मामले की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।