अमेरिका-ईरान में पीस डील पर डिजिटल साइन हुए, ईरान को 28 लाख करोड़ रुपए हर्जाना दे सकता है अमेरिका
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि अमेरिका-ईरान समझौता पूरा हो चुका है और इस पर शुक्रवार को स्विट्जरलैंड के जेनेवा में औपचारिक हस्ताक्षर होंगे।
अमेरिका-ईरान के बीच MoU यानी मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग पर साइन हो गए हैं। अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान की ओर से ईरानियन संसद के स्पीकर मोहम्मद गालिबाफ ने साइन किए। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह कहकर पेच फंसा दिया कि ईरान को प्रतिबंधों से तब तक ढील नहीं मिलेगी, जब तक वह हमारे हिसाब से नहीं चलता।
उधर अमेरिकी अधिकारियों ने भी नई शर्तें जोड़ दी हैं।यानी अभी मामला ईरान के हिसाब का नहीं है। इधर डील पर इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का फर्स्ट रिएक्शन भी आया है। उन्होंने अपना लेबनान प्लान देश के नाम संबोधन में शेयर किया। उधर ईरान चाहता है कि इस डील पर यूएन की सहमति हो।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि अमेरिका-ईरान समझौता पूरा हो चुका है और इस पर शुक्रवार को स्विट्जरलैंड के जेनेवा में औपचारिक हस्ताक्षर होंगे। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिकी डेलिगेशन की अगुआई उपराष्ट्रपति जेडी वेंस करेंगे।
न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि ट्रम्प, जेडी वेंस और ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ डिजिटल रूप से समझौते पर हस्ताक्षर कर चुके हैं। हालांकि, समझौते का पूरा मसौदा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। ट्रम्प ने कहा कि दस्तावेज शुक्रवार के बाद जारी किया जाएगा।
मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि दोनों देशों के बीच 14 पॉइंट वाला एक शुरुआती मसौदा तैयार हुआ है, जिस पर आगे तकनीकी स्तर की बातचीत होगी। वहीं कुछ रिपोर्टों के मुताबिक ईरान को आर्थिक सहायता के लिए करीब 28 लाख करोड़ रुपए का पैकेज मिल सकता है, हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।




