TET अनिवार्यता के खिलाफ MP के शिक्षकों ने खोला मोर्चा, 50 हजार से ज्यादा शासकीय शिक्षकों का भोपाल में प्रदर्शन

भोपाल के भेल स्थित दशहरा मैदान में मुख्यमंत्री अनुरोध यात्रा के तहत प्रदेश के अलग अलग जिलों से करीब 50 हजार से ज्यादा शिक्षकों ने भाग लिया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मांगें पूरी नहीं हुईं तो जून में फिर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

Updated: Apr 18, 2026, 04:52 PM IST

भोपाल। टीईटी की अनिवार्यता खत्म करने समेत कई मांगों को लेकर पूरे मध्यप्रदेश के सरकारी शिक्षक राजधानी भोपाल में जुटे हैं। अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर शनिवार, 18 अप्रैल को प्रदर्शन हो रहा है। भेल स्थित दशहरा मैदान में धरना और सभा के लिए तैयार किए गए पंडाल फुल हो चुके हैं। वहां खड़े होने की जगह नहीं है। शाम को सभी शिक्षक यहां से मुख्यमंत्री अनुरोध यात्रा निकालेंगे। आयोजकों ने प्रदर्शन में करीब 50 हजार से ज्यादा शिक्षकों के शामिल होने का दावा किया है। शिक्षकों का कहना है कि 25-30 साल की नौकरी के बाद TET क्यों कराई जा रही है?

संयुक्त मोर्चे के संयोजक जगदीश यादव ने कहा कि अगर सरकार परीक्षा लेना ही चाहती है तो शिक्षकों को पढ़ाई के लिए समय दिया जाए और उन्हें जनगणना जैसे कामों में न लगाया जाए। संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों ने साफ कहा कि पहले से नौकरी कर रहे शिक्षकों को दोबारा शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी TET देने के लिए मजबूर करना गलत है। उनका कहना है कि नियुक्ति के समय सभी जरूरी योग्यता पूरी की गई थी, ऐसे में 20 से 25 साल की सेवा के बाद नई शर्तें थोपना न्यायसंगत नहीं है।

शिक्षकों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश से 90 से 95 प्रतिशत तक शिक्षक प्रभावित हुए हैं। खासकर वे शिक्षक जो पहले अध्यापक थे और बाद में शिक्षक संवर्ग में शामिल हुए। इन शिक्षकों ने कम वेतन से नौकरी शुरू की थी और आज भी पेंशन, ग्रेच्युटी और सेवा अवधि की गणना जैसे अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

बता दें कि इससे पहले 8 अप्रैल को जिला स्तर पर और 11 अप्रैल को ब्लॉक स्तर पर भी प्रदर्शन किए गए थे। उसी कड़ी में यह राज्य स्तरीय प्रदर्शन भोपाल में किया गया। प्रदर्शन के आखिर में शिक्षकों ने एमपी नगर एसडीएम एल.के खरे को ज्ञापन सौंपा और अपनी मांगों पर जल्द फैसला लेने की अपील की। इसके साथ ही दिन भर चला यह बड़ा प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हो गया। अध्यापक संघ के अध्यक्ष भरत पटेल ने चेतावनी दी कि अगर मांगें पूरी नहीं हुईं तो जून में फिर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।