यूपी में रुकी एमपी की ऑक्सीजन, बोले सीएम शिवराज ऑक्सीजन रोकना अपराध

बैठक में मंत्रियों की सलाह, गृह मंत्रालय से बात कर टैंकरों में सीआरपीएफ तैनात की जाए।

Updated: Apr 20, 2021, 10:59 AM IST

यूपी में रुकी एमपी की ऑक्सीजन, बोले सीएम शिवराज ऑक्सीजन रोकना अपराध
Photo courtesy: bhaskar

भोपाल। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में कोरोना मरीजों में बेतहाशा वृद्धि हो रही है। अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी से हाहाकार मचा हुआ है। प्रदेश में ऑक्सीजन की कमी के कारण गंभीर मरीज़ो के दम तोड़ने के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। इस बीच अन्य राज्यों से मध्यप्रदेश आ रहे ऑक्सीजन के टैंकरों को रोका जा रहा है। उत्तरप्रदेश से आ रहे ऑक्सीजन के टैंकर को रास्ते मे रोका गया।

इसको लेकर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री सीएम योगी आदित्यनाथ से बात की तब जाकर टैंकर छोड़ा गया। इसी तरह गुजरात में भी मध्यप्रदेश आ रहे ऑक्सीजन के टैंकरों को रोका गया। ये टैंकर मध्यप्रदेश के लिए तब रवाना हो पाए जब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी से बात की।

सीएम शिवराज ने रोके जा रहे ऑक्सीजन टैंकरों को लेकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ट्वीट कर कहा "कोविड़ -19 संक्रमण की विषम परिस्थितियाँ बनी हुई हैं, संकटकाल है। ऑक्सीजन संजीवनी है। ऐसे में कुछ राज्यों के अधिकारी ऑक्सीजन के टैंकर्स रोक रहे हैं, जो अनुचित है और अपराध भी है।"

सिलसिलेवार ट्वीट करते हुए कहा "मैं राज्यों के मुख्यमंत्रियों से अपील करता हूँ कि ऐसे अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें, जो संजीवनी ऑक्सीजन के टैंकर्स को अकारण रोक रहे हैं।"

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने  इन घटना का ज़िक्र मंत्रियों के साथ हुई बैठक में साझा किया।
इस पर कुछ मंत्रियों ने गृह मंत्री से बात कर मध्यप्रदेश पुलिस की वजाय सीआईएसएफ के जवान की तैनाती करने का सुझाव दिए। उन्होंने कहा जिस तरह से संक्रमण बढ़ता जा रहा है इस तरह की दिक्कत हर रोज़ आयेगा। इसका स्थायी समाधान होना चाहिए।

गौरतलब है कि ऑक्सीजन की कमी से भोपाल के पीपुल्स मेडिकल कॉलेज में सोमवार सुबह 5 से 7 बजे के बीच 10 कोरोना मरीजों की मौत हो गई। ये सभी डी ब्लॉक के कोविड वार्ड में भर्ती थे। वहीं बीते हफ़्ते सिटी हॉस्पिटल में ऑक्सीजन की कमी के चलते 5 कोरोना मरीज़ो की मृत्यु हो गई। प्रदेश में बीते 13 दिन में 56 मरीज ऑक्सीजन की कमी से दम तोड़ चुके हैं।