न लाड़लियां सुरक्षित हैं, न ही अपराधियों में खौफ, न्याय के लिए सड़कों पर उतरेगी महिला कांग्रेस: विभा पटेल

विभा पटेल ने नेशनल क्राइम ब्यूरो (NCRB) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 2021 में दुष्कर्म के 2,947 केस दर्ज हुए है, जो इस बात का द्योतक है कि अब मध्य प्रदेश की पहचान अमन के टापू के रूप में नहीं रही है।

Updated: Nov 03, 2022, 06:33 PM IST

न लाड़लियां सुरक्षित हैं, न ही अपराधियों में खौफ, न्याय के लिए सड़कों पर उतरेगी महिला कांग्रेस: विभा पटेल

भोपाल। मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष विभा पटेल ने प्रदेश सरकार पर हमला बोला है। विभा पटेल ने कहा कि लाड़लियों के हक में बड़े-बड़े दावे करने वाले मामा शिवराज के राज में न तो मासूम लाड़लियां सुरक्षित है और न ही महिलाएं सुरक्षित हैं। माम राज में कानून व्यवस्था की स्थिति चौपट है। अपराधियों में सरकार का कोई खौफ नहीं है। कांग्रेस नेत्री ने कहा है कि न्याय के लिए महिला कांग्रेस सड़कों पर उतरेगी।

विभा पटेल ने राज्य सरकार पर गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि, 'प्रदेश में हर दिन किसी न किसी जिले से रोजाना 6-8 दुष्कर्म, सामूहिक दुष्कर्म, महिला अत्याचार की पीड़ादायक घटनाएं घटित हो ही जाती हैं, जो प्रदेश को लगातार शर्मशार कर रही हैं। हाल ही में भोपाल के हबीबगंज और अशोका गार्डन इलाके में हुई दुष्कर्म की घटनाओं से शहर में लचर कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।'

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कांग्रेस नेत्री ने आगे कहा कि, 'गुना की दुखद घटना के बाद हाल ही में खंडवा से इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यहां एक चार साल की मासूम बच्ची के साथ हैवानों ने गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया। इसके पहले भोपाल में ही जबलपुर के एक बीजेपी नेता पर रेप का मामला दर्ज हुआ है, वहीं जबलपुर की रहने वाली युवती को बहला-फुसला कर भाजपा नेता द्वारा भोपाल लाकर उसके साथ ज्यादती करने के बाद भाग जाना प्रदेश की बदहाल कानून व्यवस्था बया कर रहे हैं।'

विभा पटेल ने नेशनल क्राइम ब्यूरो (NCRB) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 2021 में दुष्कर्म के 2,947 केस दर्ज हुए है, जो इस बात का द्योतक है कि अब मध्य प्रदेश की पहचान अमन के टापू के रूप में नहीं रही है। देश के मानचित्र पर प्रदेश- शहरों में अब भोपाल समेत समूचा मध्य प्रदेश महिलाओं के लिए सबसे ज्यादा असुरक्षित नजर आने लगा है। खास तौर पर मासूम बच्चियों के साथ मध्य प्रदेश में ज्यादती की घटनाओं में कमी आने के बजाए लगातार इजाफा हुआ है। यानी मासूम बच्चियों से ज्यादती और पॉक्सो एक्ट में हमारा मध्य प्रदेश की छवि नंबर वन की बन गई हैं जो प्रदेश के लिए बेहद शर्मनाक है। इन स्थितियों के लिए जिम्मेदार शिवराज सिंह चौहान सरकार है।'

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विभा पटेल ने कहा कि, 'सरकार द्वारा अपराधियों के मकान तोड़ने, बुलडोजर चलाने जैसे तथाकथित दावों के बावजूद अपराधी निरकुंश और बेखौफ हैं। मुख्यमंत्री को आसन्न विधानसभा चुनाव के चलते जरा भी लज्जा नहीं आ रही है, वे बड़ी ही निर्लज्जता के साथ सरकार को ईवेंट गर्वमेंट बनाकर प्रदेश की जनता का मखौल उड़ा रहे हैं। कुछ पुलिस अफसर भी सत्ताधारी नेताओं की चाकरी में व्यस्त है। पुलिस अफसर भी ट्रांसफर-पोस्टिंग की खातिर अपनी जवाबदारी को पूरा करने के बजाय भाजपा नेताओं के बंगलों में हाजिरी देने में व्यस्त हैं।'

विभा पटेल ने आगे कहा कि, 'ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि अपराधियों का चौतरफा आतंक होने से अब महिलाओं, युवतियों समेत बच्चियों का सड़क पर निकलना दुश्वार हो गया है लेकिन सरकार को राजधानी के लाल परेड मैदान पर गीत-संगीत की महफिल जमाने से फुर्सत नहीं है। ये भी तब है, जबकि पड़ोसी राज्य में पुल दुर्घटना में 134 व्यक्तियों की दुखद मृत्यु हुई हो। इससे प्रतीत होता है कि शिवराज सिंह चौहान की सरकार संवेदना विहीन है। महिलाओं के अधिकार और न्याय के लिए महिला कांग्रेस सड़कों पर उतरेगी, उनकी आवाज बनेगी। रामधुन गाती हुई शिवराज सिंह चौहान की सरकार को एक्सपोज करेगी और लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएगी।'