ऐ पिट्ठू कलेक्टर सुन ले रे, जैसी भाषा बोलने वाले शिवराज न बांटे ज्ञान, शिवराज पर कांग्रेस का पलटवार

कमल नाथ ने गुरुवार को अगस्त क्रांति यात्रा के समापन समारोह में अधिकारियों को दी थी वर्दी का सम्मान बनाए रखने की नसीहत, बीजेपी के इशारों पर काम न करने की दी थी सलाह, कहा था दो साल के बाद खुलेंगी फाइल, इस पर सीएम ने कमल नाथ पर लगाया अधिकारियों का अपमान करने का आरोप, कमल नाथ के बयान को बताया अलोकतांत्रिक, अब सोशल मीडिया पर अधिकारियों को धमकाते हुए शिवराज का वीडियो हुआ वायरल

Updated: Aug 27, 2021, 06:27 PM IST

ऐ पिट्ठू कलेक्टर सुन ले रे, जैसी भाषा बोलने वाले शिवराज न बांटे ज्ञान,  शिवराज पर कांग्रेस का पलटवार

भोपाल। अधिकारियों को बीजेपी के इशारों पर काम न करने की सलाह देने वाले कमल नाथ के बयान का विरोध करना प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भारी पड़ गया है। कमल नाथ पर अधिकारियों का अपमान करने का आरोप लगाने वाले शिवराज का एक पुराना वीडियो सोशल मीडीया पर वायरल हो गया है। जिसमें खुद मुख्यमंत्री अधिकारियों के लिए अभद्र भाषा का उपयोग करते हुए दिख रहे हैं। 

वायरल वीडियो में मौजूदा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एक मंच से अभद्र भाषा का उपयोग करते हुए कह रहे हैं ऐ पिट्ठू कलेक्टर सुन ले रे, हमारे दिन भी जल्दी आएंगे। वीडियो में शिवराज अधिकारियों के खिलाफ मंच से हुंकार भरते हुए कहते सुनाई पड़ रहे हैं कि अरे भाई सत्ता के मद में ऐसे चूर मत हो, ऐ पिट्ठू कलेक्टर सुन ले रे, हमारे दिन भी जल्दी आएंगे। 

सीएम का यह वीडियो वायरल होते ही कांग्रेस ने शिवराज सिंह चौहान को घेरना शुरू कर दिया है। कांग्रेस प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने सीएम का पुराना वीडियो साझा करते हुए कहा है कि “ऐ पिठु कलेक्टर सुन ले रे, हमारे दिन भी आएँगे ,फिर तेरा क्या होगा “ ऐसा कहने वाले शिवराज जी, आज अधिकारी - कर्मचारियों के सम्मान की बात कह रहे है ,कमलनाथ जी को कोस रहे हैं? कांग्रेस प्रवक्ता ने आगे कहा कि सभी जानते हैं कि भाजपा सरकार में ही सबसे ज़्यादा अधिकारी- कर्मचारी भाजपा नेताओ की अभद्रता का शिकार हुए है। इसके साथ ही नरेंद्र सलूजा ने भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गाय द्वारा अतीत में की गईं अभद्रता की तस्वीरें और वीडियो साझा कर बीजेपी पर सवाल खड़े किए हैं।  

दरअसल गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने अगस्त क्रांति यात्रा के समापन समारोह के दौरान प्रदेश के अधिकारियों से भाजपा के शह पर पक्षपाती भरे रवैये से काम न करने की अपील की थी। कमल नाथ ने कहा था कि वर्दी का सम्मान करने की ज़रूरत है। कमल नाथ ने अफसरों को चेतावनी देते हुए कहा था कि वे बीजेपी का बिल्ला अपनी जेब में रखकर काम न करें। दो साल बाद प्रदेश में सरकार बदल जाएगी। रिटायर हो जाने पर भी फाइल खोली जाएंगी। कमल नाथ के इस बयान पर सीएम शिवराज ने पलटवार करते हुए पीसीसी चीफ के बयान को अलोकतांत्रिक करार देते हुए कहा कि कमल नाथ अधिकारियों को धमकाने का काम कर रहे हैं। लेकिन अब खुद मुख्यमंत्री का अधिकारियों के लिए अभद्र भाषा का उपयोग करते हुए एक वीडियो वायरल हो गया है।