22 लाख रुपये के इनामी नक्सली की हत्या, सरेंडर की कोशिश करने पर साथियों ने ले ली जान
कंधमाल में 22 लाख रुपये के इनामी माओवादी कमांडर अन्वेष उर्फ रेनू की उसके ही साथियों ने हत्या कर दी। अन्वेष पुलिस के सामने सरेंडर की तैयारी कर रहा था।
कंधमाल। ओडिशा के कंधमाल जिला में आत्मसमर्पण की तैयारी कर रहे 22 लाख रुपये के इनामी माओवादी कमांडर अन्वेष उर्फ रेनू की उसके ही संगठन के सदस्यों ने हत्या कर दी। पुलिस ने बुधवार को उसका सड़ा गला शव दारिंगबाड़ी थाना क्षेत्र के पकरी जंगल से बरामद किया। शुरुआती जांच में हत्या की वजह संगठन के भीतर आत्मसमर्पण को लेकर बढ़ा विरोध बताया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, मृतक अन्वेष मूल रूप से छत्तीसगढ़ सुकमा जिला का रहने वाला था। वह माओवादी संगठन के केकेबीएन (कालाहांडी-कंधमाल-बौध-नयागढ़) डिवीजन में डिविजनल कमेटी मेंबर (डीवीसीएम) के साथ साथ लड़ाकू दस्ते का प्लाटून कमांडर भी था। उस पर 22 लाख रुपये का इनाम घोषित था और वह लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की सूची में वांटेड था।
कंधमाल के पुलिस अधीक्षक हरीश बीसी ने बताया कि अन्वेष हाल के दिनों में कुछ अन्य माओवादी कैडरों के साथ ओडिशा पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने की तैयारी कर रहा था। संगठन के अंदर उसके इस फैसले को लेकर असहमति बढ़ गई थी जिसके बाद उसे निशाना बनाया गया।
जांच में सामने आया है कि 29 जनवरी को ही अन्वेष को गोली मार दी गई थी। हत्या के बाद शव को जंगल में दफना दिया गया ताकि घटना के बारे में किसी को भनक न लगे। बाद में पुलिस को गुप्त सूचना मिलने पर तलाशी अभियान चलाया गया और जमीन खोदकर शव बरामद किया गया।
पुलिस को आशंका है कि इस वारदात के पीछे संगठन का शीर्ष नेतृत्व शामिल हो सकता है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वांटेड माओवादी कमांडर सुकरू और उसके दस्ते पर हत्या को अंजाम देने का शक है। जांच एजेंसियां यह भी मान रही हैं कि राज्य जोनल कमेटी और क्षेत्रीय स्तर के अन्य सदस्यों की सहमति से साजिश रची गई हो सकती है।
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क और हत्या के पीछे की साजिश की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि आत्मसमर्पण की बढ़ती घटनाओं के बीच संगठन के भीतर अविश्वास और आंतरिक संघर्ष तेज हो रहा है जिसके चलते इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं।




