करप्शन इन ज्यूडीशियरी वाली किताब पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाया बैन, NCERT डायरेक्टर और शिक्षा सचिव को नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने विवादित किताब पर कम्प्लीट बैन लगाते हुए इसके छपाई और वितरण पर पूरी तरह रोक लगा दी। साथ ही किताब की सभी प्रिंट और डिजिटल कॉपियों को तुरंत जब्त कर सार्वजनिक पहुंच से हटाने का आदेश दिया।

Updated: Feb 26, 2026, 12:50 PM IST

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने आज यानी गुरुवार को एनसीईआरटी की कक्षा 8 की सोशल साइंस पुस्तक में शामिल ‘ज्यूडिशियल करप्शन’ चैप्टर पर सुनवाई करते हुए पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया। कोर्ट ने विवादित किताब पर कम्प्लीट बैन लगाते हुए इसके छपाई और वितरण पर पूरी तरह रोक लगा दी। साथ ही किताब की सभी प्रिंट और डिजिटल कॉपियों को तुरंत जब्त कर सार्वजनिक पहुंच से हटाने का आदेश दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षा मंत्रालय के सचिव और NCERT निदेशक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही सिलेबस से जुड़ी बैठकों की कार्यवाही और विवादित चैप्टर लिखने वाले लेखकों के नाम और उनकी योग्यता बताने का निर्देश दिया है।सीजेआई ने कहा कि यह न्यायपालिका को बदनाम करने की एक गहरी और सोची-समझी साजिश लगती है। जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मामले की गहराई से जांच होगी और केस बंद नहीं किया जाएगा।

SC ने NCERT को चेतावनी दी कि इस मामले में अवमानना की कार्रवाई भी की जा सकती है। मामले की सुनवाई CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच कर रही है। अगली सुनवाई 11 मार्च को होगी। दरअसल, NCERT की क्लास 8वीं की सोशल साइंस की किताब में ज्यूडीशियल करप्शन (न्यायपालिका में भ्रष्टाचार) से जुड़े चैप्टर पर सुप्रीम कोर्ट ने खुद से नोटिस लिया है। CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच मामले की सुनवाई कर रही है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केंद्र और राज्यों के शिक्षा विभाग तय करें कि किताब चाहे स्कूलों में हो, छपी हुई हों या डिजिटल तौर पर हो तुरंत लोगों की पहुंच से हटाई जाए। किताब के प्रिंटेड या डिजिटल वर्जन को बांटना कोर्ट के आदेश का जानबूझकर उल्लंघन माना जाएगा। सभी राज्यों के शिक्षा विभाग के मुख्य सचिव 2 हफ्ते में इस मामले में कार्रवाई की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपें। साथ ही जांच रिपोर्ट मिलने के बाद कोर्ट कमेटी बनाएगा, जो पूरे मामले की जांच करेगी और जिम्मेदार लोगों की पहचान करेगी।