मध्य प्रदेश के रीवा में अनोखी शादी, किसानों के धरने वाली जगह पर हुए फेरे

मध्य प्रदेश के रीवा ज़िले की करहिया कृषि उपज मंडी में 75 दिन से किसान धरने पर बैठे हैं, इसी धरने के दौरान गुरुवार को एक शादी भी संपन्न हुई, शादी के दौरान दूल्हा-दुल्हन ने संविधान की शपथ भी ली

Updated: Mar 19, 2021, 12:21 PM IST

मध्य प्रदेश के रीवा में अनोखी शादी, किसानों के धरने वाली जगह पर हुए फेरे
Photo courtesy: bhaskar

रीवा। कृषि कानून के विरोध में पूरे देश मे आंदोलन हो रहे हैं। मध्य प्रदेश के रीवा ज़िले की करहिया कृषि उपज मंडी में 75 दिन से किसान धरने पर बैठे हैं। इस धरने के दौरान गुरुवार को एक दिलचस्प नज़ारा देखने को मिला, जब वहां एक शादी संपन्न कराई गई। खास बात यह है कि इस शादी में दूल्हा-दुल्हन ने बाकी रस्मों के अलावा संविधान की शपथ भी ली। दूल्हा-दुल्हन दोनों के पिता पहले से ही कई दिनों से धरने में शामिल हैं।

बिहरा के रहने वाले किसान मोर्चा संगठन के कोषाध्यक्ष रामजीत सिंह के बेटे सचिन और छिरहटा निवासी विष्णुकांत सिंह की बेटी आसमां के बीच रिश्ता पहले से तय था। रामजीत रीवा के किसान आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। इसीलिए उन्होंने तय किया कि अब इस पारिवारिक खुशियों के कार्यक्रम को किसानों के बीच ही मनाएंगे। आंदोलन के माहौल में उन्होंने फैसला किया कि उनके बच्चों की शादी किसी मैरिज गार्डन या होटल में नहीं बल्कि धरन स्थल पर की जाएगी और गुरुवार को ऐसा ही हुआ। 

दोनों पक्षों से करीब एक हजार की संख्या में किसान और उनके परिवारों के लोग इस वैवाहिक आयोजन में शामिल हुए। वर-वधू को आशीर्वाद देने पूर्व सांसद देवराज सिंह पटेल, पूर्व विधायक रामगरीब वनवासी, कांग्रेस अध्यक्ष त्रियुगीनारायण शुक्ला, गुरमीत सिंह मंगू, रमाशंकर पटेल, लखनलाल खंडेलवाल, मास्टर बुद्धसेन पटेल, गिरिजेश सिंह सेंगर, कुंवर सिंह, सुब्रतमणि त्रिपाठी सहित कई अन्य किसान नेता उपस्थित हुए।

धरना स्थल पर शादी करके दोनों किसान परिवारों ने यह संदेश दिया है कि किसी भी हालत में किसान झुकने वाले नहीं हैं। किसान रामजीत और किसान विष्णुकांत बताते हैं कि इस शादी में दूल्हा-दुल्हन को जो उपहार मिले हैं, वे भी आंदोलन में ही इस्तेमाल होंगे।