जहर उगल रही उज्जैन की ओंकार केमिकल फैक्ट्री, 30 कर्मचारी हुए बहरेपन के शिकार
उज्जैन की ओंकार केमिकल फैक्ट्री में 30 से अधिक कर्मचारियों की सुनने की क्षमता खत्म होने का आरोप है। मामला सामने आने के बाद कलेक्टर ने जांच के आदेश दिए हैं।
उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां सोयाबीन प्लांट के पास देवास रोड पर स्थित एक केमिकल कंपनी में काम करने वाले लगभग 30 से 35 कर्मचारी बहरेपन के शिकार हैं। कर्मचारियों के मेडिकल रिपोर्ट्स ने हड़कंप मचा दिया है। मामला सामने आने के बाद उज्जैन कलेक्टर ने जांच के आदेश दिए हैं।
यह पूरा मामला देवास रोड स्थित नागझिरी औद्योगिक क्षेत्र की ओंकार केमिकल फैक्ट्री का है। पीड़ित कर्मचारियों का आरोप है कि फैक्ट्री में काम के दौरान केमिकल के संपर्क और तेज आवाज के कारण उनकी सुनने की क्षमता 80 से 90 प्रतिशत तक खत्म हो गई। इस कारण वे न सिर्फ नौकरी से बाहर हो गए, बल्कि दूसरी जगह काम भी नहीं मिल पा रहा है।
कर्मचारियों ने इस मामले में कलेक्टर और मुख्यमंत्री तक शिकायत की है। प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है, जबकि कंपनी प्रबंधन आरोपों को गलत बता रहा है। देवास रोड स्थित नागझिरी औद्योगिक क्षेत्र की ओंकार केमिकल कंपनी में काम करने वाले दर्जनों युवकों ने कलेक्टर रोशन कुमार सिंह को लिखित शिकायत सौंपी। कर्मचारियों का कहना है कि वे कई वर्षों से फैक्ट्री में काम कर रहे थे। काम के दौरान बार‑बार केमिकल शरीर पर गिरता था और मशीनों का शोर काफी तेज रहता था। धीरे‑धीरे उनकी सुनने की क्षमता कम होती चली गई।
पीड़ितों ने बताया कि कई कर्मचारी अब बिना हियरिंग मशीन के सुन नहीं पाते, जबकि कुछ पूरी तरह से बहरे हो चुके हैं। हैरानी की बात यह है कि बहरेपन का शिकार हुए सभी कर्मचारी महज 20 से 30 साल की उम्र के हैं। इस कम उम्र में स्थायी शारीरिक अक्षमता ने उनके भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि सुनने की समस्या के कारण उन्हें फैक्ट्री की नौकरी छोड़नी पड़ी। अब दूसरी कंपनियां भी उन्हें काम पर रखने से मना कर रही हैं। इससे उनके सामने रोजी‑रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। कई कर्मचारियों ने दिव्यांगता प्रमाण पत्र भी बनवा लिया है।




