वीडी सतीशन बने केरलम के नए मुख्यमंत्री, 20 मंत्रियों के साथ ली शपथ

कांग्रेस की अगुवाई वाली नई यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) सरकार का शपथ ग्रहण समारोह सोमवार को तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में हुआ। इस सरकार के नए मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

Updated: May 18, 2026, 01:36 PM IST

तिरुवनंतपुरम। केरल में कांग्रेस नीत यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) सरकार का सोमवार को शपथ ग्रहण हुआ। वीडी सतीशन ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इस अवसर पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी मौजूद रहे। 

शपथ ग्रहण समारोह सुबह 10 बजे तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में हुआ। इसके साथ ही, एक दशक के बाद यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की सत्ता में वापसी हुई है। नई सरकार 21 सदस्यीय कैबिनेट के साथ अपना कार्यभार संभालेंगे, जिसमें मुख्यमंत्री भी शामिल हैं। कांग्रेस को 11 मंत्री पद मिले हैं, जिसमें मुख्यमंत्री का पद भी शामिल है। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम से हुई। वंदे मातरम मलयालम में गाया गया। उसके बाद जण गण मन हुआ और कार्यक्रम आगे बढ़ा।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार भी पहुंचे। तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी भी शपथ ग्रहण समारोह में मौजूद रहे। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी शपथ ग्रहण में मौजूद रहे। केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन भी मंच पर नजर आए।

सतीशन के साथ शपथ लेने वाले 20-सदस्यीय मंत्रिमंडल में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला, के. मुरलीधरन और KPCC प्रमुख सन्नी जोसेफ शामिल हैं। इनके अलावा, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के नेता पी.के. कुन्हालीकुट्टी, पी.के. बशीर, एन. शमसुद्दीन, के.एम. शाजी और वी.ई. अब्दुल गफूर भी मंत्रिमंडल का हिस्सा हैं। मंत्रिमंडल में अन्य मंत्री मॉन्स जोसेफ, शिबू बेबी जॉन, अनूप जैकब, सी.पी. जॉन, ए.पी. अनिल कुमार, टी. सिद्दीकी, पी.सी. विष्णुनाथ, रोजी एम. जॉन, बिंदु कृष्णा, एम. लिजू, के.ए. तुलसी और ओ.जे. जनीश हैं।

नई कैबिनेट में आईयूएमएल के 5 मंत्रियों को शामिल किया गया है। जिनमें पी.के. कुन्हालीकुट्टी, पी.के. बशीर, एन. शमसुद्दीन, के.एम. शाजी और वी.ई. अब्दुल गफूर शामिल हैं। पार्टी ने यह भी घोषणा की कि कुट्टियाडी के विधायक परक्कल अब्दुल्ला को एक आंतरिक व्यवस्था के तहत ढाई साल बाद कैबिनेट में शामिल किया जाएगा।