MP में चर्च के बाहर हिंदू संगठनों का हंगामा, लाउड स्पीकर बजाने को लेकर हिंदुओं ने जताई आपत्ति

नर्मदापुरम के सेंट जॉर्ज चर्च में चल रही ईसाई धर्मसभा, चर्च के बाहर हिंदू संगठनों ने किया हंगामा, धर्मांतरण और हिंदू विरोधी भाषण का लगाया आरोप

Updated: Oct 16, 2022, 10:15 AM IST

MP में चर्च के बाहर हिंदू संगठनों का हंगामा, लाउड स्पीकर बजाने को लेकर हिंदुओं ने जताई आपत्ति

नर्मदापुरम। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के एक चर्च के बाहर हिंदू संगठनों ने जमकर बवाल काटा। हिंदू संगठन के लोगों ने धर्मांतरण और हिंदू विरोधी भाषण देने का भी आरोप लगाया। नर्मदापुरम के सेंट जॉर्ज चर्च के बाहर करीब तीन घंटे तक हंगामा चलता रहा। सूचना पाकर जब अफसर मौके पर पहुंचे तब जाकर किसी तरह मामला शांत हो सका।

दरअसल, कोठी बाजार स्थित सेंट जॉर्ज चर्च परिसर में 3 दिनों से ईसाई धर्मसभा चल रही है। इस दौरान तेज आवाज में लाउड स्पीकर भी चल रहा था। चर्च के पास स्थित मेडिकल संचालक के बेटे अभि जैन ने शनिवार शाम करीब 5.30 बजे कहा कि मेरे पिता की तबीयत ठीक नहीं है। लाउडस्पीकर की आवाज कम कर लीजिए। आरोप है कि इसके बावजूद चर्च से जुड़े लोगों ने साउंड सिस्टम की आवाज कम नहीं की। 

इसी बात को लेकर हिंदू संगठनों से जुड़े युवा भड़क गए। थोड़ी देर बार करीब 50 लड़के वहां इकट्ठा हो गए और हंगामा शुरू कर दिया। युवकों का आरोप था कि सभा में हिंदू धर्म विरोधी बातें की जा रही हैं। यह कहते हुए उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया और नारेबाजी करने लगे। जय श्रीराम के नारे भी लगाए। हालांकि हिंदू संगठन के लगाए आरोप को लेकर कोई फोटो या वीडियो नहीं मिल पाया है। 

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रात करीब 8 बजे युवा चर्च के सामने ही सड़क पर बैठक गए और नारेबाजी करने लगे। हंगामा होता देख वहां भीड़ लग गई। सूचना पाकर पुलिस भी मौके पहुंच गई। हिंदू संगठन के नितेश खंडेलवाल ने बताया कि युवक के पिता की तबीयत ठीक नहीं रहती है। इसी वजह से साउंड सिस्टम की आवाज कम करने की बात चर्च में कही थी। लेकिन वहां मौजूद कुछ लोगों ने आवाज कम करने से मना कर दिया, साथ ही कहा कि आप लोग भी तो उत्सवों में जोर-जोर से साउंड बजाते हैं।

तहसीलदार शैलेंद्र बडोनिया ने बताया कि हिंदू संगठन के लोगों ने यहां विरोध किया था। साउंड सिस्टम की आवाज कम करने को लेकर विवाद हुआ था। आवाज कम करने की बात पर सहमति दिलवाकर मामला शांत करा दिया गया। धर्मांतरण की शिकायत भी मिली थी, लेकिन यहां ऐसा कुछ नहीं मिला। बता दें कि चर्च में हर 3 साल में एक बार ऐसा आयोजन और प्रार्थना होती है।